भारत में उत्पादन बंद करेगी फोर्ड, 4000 लोगों की नौकरी जाने का डर

Ford Motor: फोर्ड अपने दोनों प्लांट्स पर धीरे-धीरे उत्पादन का काम बंद करेगी. लगातार घाटा होने और ग्रोथ की कमी के चलते कंपनी ने यह फैसला लिया है.

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  • Publish Date - September 9, 2021 / 06:52 PM IST
भारत में उत्पादन बंद करेगी फोर्ड, 4000 लोगों की नौकरी जाने का डर
Image: Unsplash, फोर्ड ने लगातार घाटा होने और ग्रोथ की कमी के चलते साणंद और चेन्नई स्थित अपने दोनों मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स बंद करने का फैसला किया है

अमेरिका की कार कंपनी फोर्ड मोटर (Ford Motor) भारत में उत्पादन बंद करने जा रही है. कंपनी ने गुरुवार को कहा कि लगातार घाटा होने और ग्रोथ की कमी के चलते उसने साणंद (गुजरात) और चेन्नई (तमिलनाडु) स्थित दोनों मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बंद करने का फैसला किया है. फोर्ड के इस कदम से करीब चार हजार लोगों के बेरोजगार होने का खतरा बना है.

फोर्ड अपने दोनों प्लांट्स पर धीरे-धीरे उत्पादन का काम बंद करेगी. निर्यात के लिए साणंद में बनाए जाने व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग इस साल की चौथी तिमाही तक बंद हो जाएगी. वहीं, व्हीकल और इंजन मैन्युफैक्चरिंग करने वाला चेन्नई प्लांट 2022 की दूसरी तिमाही तक काम बंद कर देगा. इसका चेन्नई प्लांट दो लाख गाड़ियां और 3.4 लाख इंजन बनाने की क्षमता रखता है. साणंद प्लांट में 2.4 लाख गाड़ियां और 2.7 लाख इंजन बनाने की कैपेसिटी है.

2 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान

भारत में 90 के दशक में कदम रखने वाली फोर्ड को बीते 10 वर्षों में दो अरब डॉलर से अधिक का घाटा हुआ है. कारोबार को संभालने के लिए कंपनी अब तक पार्टनरशिप, प्लेटफॉर्म शेयरिंग, OEM (original equipment manufacturers) के साथ मिलकर कॉनट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और प्लांट बेचने जैसे रास्ते अपना चुकी है. हालांकि, मनचाहा नतीजा नहीं मिलने के बाद अब वह देश में प्रॉफिटेबल बिजनेस बनाए रखने के लिए रीस्ट्रक्चरिंग करने जा रही है.

4,000 नौकरियों के लिए खतरा

फोर्ड को इस फैसले से करीब चार हजार कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा बन सकता है. कंपनी ने कहा है कि वह सरकार, एंप्लॉयीज, यूनियन, सप्लायर, डीलर के साथ मिलकर ऐसी परिस्थिती को टालने के लिए योजना बना रही है. उसकी कोशिश है कि कंपनी के फैसलों का बुरा प्रभाव न पड़े.

फोर्ड ने बताया है कि उसका पोर्ट डिपो का काम दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, साणंद और कोलकाता में चालू रहेगा. वह रीस्ट्रक्चरिंग के जरिए डीलरों को सेल्स की जगह पार्ट और सर्विस के काम में लगाएगी. इसी तरह इंजन का निर्यात के लिहाज से उत्पादन किया जाएगा, जिसके लिए सप्लायर्स का छोटा सा नेटवर्क बनाए रखा जाएगा. फोर्ड बिजनेस सॉल्यूशन के जरिए उन्हें पहले की तरह मदद मुहैया कराई जाएगी.

कोरोना ने बढ़ाईं मुश्किलें

कोरोना के कारण पहले से मुश्किल दौर से गुजर रही फोर्ड के लिए यहां उत्पादन करना पूरी तरह से घाटे का सौदा बन गया. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता के केवल 20 प्रतिशत पर ऑपरेट कर रही थी. फोर्ड अब दूसरी बड़ी अमेरिकी कार कंपनी होगी, जिसने भारत में उत्पादन बंद करने जा रही है. इससे पहले अमेरिका की ही जनरल मोटर्स भी घरेलू उत्पादन बंद कर चुकी है. कंपनी ने फोर्ड से कुछ वर्ष पहले ही भारत में कदम रखा था और 2017 में यहां गाड़ियां बेचना बंद कर दिया.

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