LIC के IPO से पहले बड़े निवेशकों को 15% हिस्सेदारी देने के प्रस्ताव पर सरकार कर रही विचार

सरकार LIC, IPO से 1 लाख करोड़ रुपये कमाने की उम्मीद कर रही है. बड़े निवेशकों के लिए प्री-प्लेसमेंट 15,000 -20,000 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 8, 2021 / 07:24 PM IST
LIC के IPO से पहले बड़े निवेशकों को 15% हिस्सेदारी देने के प्रस्ताव पर सरकार कर रही विचार
नायका अपनी तरह का एक खास स्टार्टअप है जो आईपीओ मार्केट में दस्तक देने जा रहा है.

LIC IPO News: सरकारी बीमा कंपनी के मेगा IPO से पहले बड़े संस्थागत निवेशकों (large institutional investors) को भारतीय जीवन बीमा निगम की 15% हिस्सेदारी की अनुमति देने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी गई है. हालांकि IPO का सटीक मूल्यांकन अभी बाकी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सरकार LIC, IPO से कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये कमाई करने की उम्मीद कर रही है.

बड़े निवेशकों के लिए प्री-प्लेसमेंट 15,000 करोड़ रुपये से 20,000 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है. प्री-प्लेसमेंट एक कॉमन रूट है, लेकिन अभी तक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों की ओर से इस रूट को नहीं चुना गया है.

सरकार ने RBI से मांगा स्पष्टीकरण

अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार ने स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या आरबीआई औद्योगिक घरानों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करने से पहले IDBI बैंक को भी हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति देगा?

IDBI में LIC की हिस्सेदारी भारत सरकार की शेयरहोल्डिंग के साथ बेची जाएगी, जिसके जनवरी माह तक पूरा होने की उम्मीद है. मंत्रालय ने RBI से औद्योगिक घरानों को विनिवेश में भाग लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया है. अधिकारी ने कहा, ‘हम इसकी मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. IDBI का विनिवेश महत्वपूर्ण है क्योंकि LIC का IPO उसके बाद ही आगे बढ़ेगा.’

10 मर्चेंट बैंकों का चयन

इससे पहले, सरकार ने LIC के IPO के प्रबंधन के लिए गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन, सिटीग्रुप, नोमुरा, बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल, एसबीआई कैप्स, कोटक महिंद्रा कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज और एक्सिस कैपिटल सहित 10 मर्चेंट बैंकों का चयन किया था.

मिलिमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया को एलआईसी के एम्बेडेड मूल्य का आकलन करने के लिए हायर किया गया है, जबकि डेलॉइट और एसबीआई कैप्स प्री-आईपीओ ट्रांजैक्शन एडवाइजर होंगे.

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