कुछ ऐसी रही है भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकारों की यात्रा

इस वक्त भी इंदिरा गांधी ही देश की प्रधानमंत्री थीं. आईजी पटेल की तरह मनमोहन सिंह ने भी रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में काम किया था.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - October 10, 2021 / 11:16 AM IST
कुछ ऐसी रही है भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकारों की यात्रा
जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी तो उनके कार्यकाल में 1967 से 1969 तक वीके रामास्वामी देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहें

Economic Advisor: मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) केवी सुब्रमण्यम ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से केवल कुछ महीने शिक्षाविदों की दुनिया में लौटने की घोषणा की. बाद में एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो इस्तीफा दिया है और न ही स्टेप डाउन किया है. मेरा 3 साल का कार्यकाल 7 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और एक स्मूथ ट्रांजीशन के लिए कल इसकी घोषणा की. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं उन लोगों की लिस्ट जो केवी सुब्रमण्यम से पहले इस पद पर रह चुके हैं.

केवी सुब्रमण्यम पूर्ववर्तियों की सूची लंबी है. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और रघुराम राजन (Raghuram Rajan) मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर रह चुके हैं. देश के पहले CEA जे जे अंजारिया थे जिन्होंने 1956 से 1961 तक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में CEA रहें. इसके बाद रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर आईजी पटेल ने इस पद को संभाला. वे 1961 से 1963 तक और फिर 1965-67 तक देश के CEA रहें. जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी तो उनके कार्यकाल में 1967 से 1969 तक वीके रामास्वामी देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहें. इसके बाद इंदिरा गांधी के ही कार्यकाल में 1970 से 1972 तक अशोख मित्रा देश के CEA रहें.

1972-76 के दौरान मनमोहन सिंह ने इस पद को संभाला

मनमोहन सिंह ने 1972-76 के दौरान इस पद को संभाला. इस वक्त भी इंदिरा गांधी ही देश की प्रधानमंत्री थीं. आईजी पटेल की तरह मनमोहन सिंह ने भी रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में काम किया था. बिमल जालान एक और आरबीआई गवर्नर थे, जिनका सीईए के रूप में भी कार्यकाल था. जालान ने 1981-88 के बीच लंबी अवधि के लिए सीईए के रूप में कार्य किया. जबकि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री शंकर आचार्य ने 1993 में आर्थिक सुधारों को लागू करने के दो साल बाद इस पद को संभाला. दीपक नैयर 1990-1991 की महत्वपूर्ण अवधि के दौरान सीईए थे.

केवी सुब्रमण्यम ने राजन के अंडर डॉक्टरेट की उपाधि ली थी

रघुराम राजन ने 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सीईए के रूप में काम किया. उनका यह कार्यकाल काफी छोटा था क्योंकि वह 2013 में रिजर्व बैंक के गवर्नर बन गए. यह बात दिलचस्प है कि केवी सुब्रमण्यम ने 2005 में लुइगी जिंगलेस और रघुराम राजन के अंडर यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी.

राकेश मोहन, अशोक लाहिड़ी और अरविंद विरमानी भी 1991 के बाद की विभिन्न अवधियों में सीईए थे. अरविंद सुब्रमण्यम ने 2014-2018 के दौरान चार साल तक सीईए के रूप में कार्य किया. यहां हम आपको ये भी बता दें कि सीईए का पद भारत सरकार के सचिव के पद के बराबर होता है.

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