• money9
  • बीमा
  • बचत
  • कर्ज
  • इन्वेस्टमेंट
  • आईपीओ
  • कमोडिटी
    • गोल्ड
    • कृषि
    • एनर्जी
    • मेटल्स
  • Breaking Briefs
downloadDownload The App
Close
  • Home
  • Videos
  • Podcast
  • Exclusive
  • टैक्स
  • म्यूचुअल फंड
  • बचत
  • कर्ज
  • म्यूचुअल फंड
  • स्टॉक
  • प्रॉपर्टी
  • कमोडिटी
    • गोल्ड
    • कृषि
    • एनर्जी
    • मेटल्स
  • Survey 2023
  • Survey Report
  • Breaking Briefs
  • बीमा
  • बचत
  • लोन
  • इन्वेस्टमेंट
  • म्यूचुअल फंड
  • प्रॉपर्टी
  • टैक्स
  • Exclusive
  • आईपीओ
  • Home / अर्थव्यवस्था

लस्सी को मिली GST से छूट, फ्लेवर्ड मिल्क की दलीलें पड़ीं फीकी

No GST On Lassi: जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स ने लस्सी पर जीएसटी में छूट दे दी है. फ्लेवर्ड मिल्क को अब भी जीएसटी के दायरे में रखा

  • Money9 Hindi
  • Last Updated : August 24, 2021, 17:41 IST
image: pixabay: पीठ ने कहा कि दही, लस्सी और छाछ एक विशिष्ट वर्गीकरण (HSN 040390) के अंतर्गत आते हैं और GST से मुक्त हैं.
  • Follow

No GST On Lassi: अगर आप लस्सी पीने के शौकीन हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स (AAR-गुजरात) ने लस्सी पर जीएसटी में छूट दे दी है. अब लस्सी GST के दायरे से बाहर हो गई है. गुजरात के वलसाड स्थित मैन्युफैक्चरर और सप्लायर संपूर्ण डेयरी एंड एग्रोटेक ने GST दर को लेकर अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स में एक याचिका दी थी. इस पर सुनवाई करते हुए AAR ने लस्सी पर GST में छूट का फैसला सुनाया है, लेकिन फ्लेवर्ड मिल्क को अब भी GST के दायरे में रखा गया है.

एएआर ने सुनाया फैसला

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वलसाड स्थित संपूर्ण डेयरी चार फ्लेवर्ड में ‘एलन’ ब्रांड के नाम से लस्सी बेचता है. जिसमे सादी लस्सी (बिना चीनी या नमक के), जीरा के साथ नमकीन लस्सी, चीनी के साथ मीठा स्ट्रॉबेरी और चीनी के साथ मीठा ब्लूबेरी शामिल है.

एएआर बेंच ने अपनी सुनवाई में कहा कि लस्सी की मुख्य सामग्री जो बनाई और बेची जा रही है उसमें दही, पानी और मसाले शामिल हैं.

इसके बोतल पर प्रदर्शित सामग्री में टोंड दूध, मसाले, पुदीना, हरी मिर्च, अदरक, नमक, जैसे पदार्थ शामिल हैं जिससे पता चलता है कि कि यह एक ‘डेयरी-आधारित पेय’ है.

पीठ ने कहा कि दही, लस्सी और छाछ एक विशिष्ट वर्गीकरण (HSN 040390) के अंतर्गत आते हैं और GST से मुक्त हैं.

फ्लेवर्ड मिल्क पर जीएसटी में छूट नहीं

इसी बेंच ने एक दूसरी याचिका पर फ्लेवर्ड मिल्क को लेकर भी सुनवाई की. टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक फ्लेवर्ड मिल्क के मैन्युफैक्चरर और सप्लायर की दलील प्रभावशाली नहीं रही.

फिलहाल फ्लेवर्ड मिल्क पर जीएसटी दर लागू है. कुछ समय पहले गुजरात एएआर ने अमूल कंपनी के फ्लेवर्ड मिल्क को लेकर अपने एक फैसले में कहा था कि फ्लेवर्ड मिल्क पर 12 फीसद की जीएसटी दर लागू रहेगी.

एक टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक लस्सी और फ्लेवर्ड दूध दोनों ही डेयरी-आधारित पेय हैं, लेकिन वर्गीकरण कोड उनके साथ अलग तरह से व्यवहार करते हैं.

हाल ही में टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने एएआर की गुजरात बेंच से जानकारी मांगी थी कि क्या कर्मचारियों द्वारा कैंटीन सुविधा के इस्तेमाल के लिए उनसे वसूली गई राशि पर जीएसटी लगेगा.

इस सवाल के जवाब में जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स ने कहा कि था कि कैंटीन सुविधा के लिए चुकाई गई राशि पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा.

Published - August 24, 2021, 05:29 IST

पर्सनल फाइनेंस पर ताजा अपडेट के लिए Money9 App डाउनलोड करें।    

  • AAR
  • AAR-Gujarat
  • fermented milk product

Related

  • ग्रामीण खपत में हुआ सुधार, मांग में आ रही तेजी
  • WPI Inflation: महंगाई की मार से मिली राहत, जुलाई में थोक महंगाई दर घटकर 2.04 फीसदी पर आई
  • रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा देश का फॉरेक्‍स रिजर्व
  • आरबीआई के ग्रोथ अनुमान पर डेलॉयट ने भी लगाई मुहर, जारी रहेगी विकास की रफ्तार
  • फिर बढ़ा सरकारी खजाना, सालभर का खर्च निकाल देगा फॉरेक्‍स रिजर्व
  • RBI के कदम से बढ़ेगी भारत की साख!

Latest

  • 1. फटाफट खरीद लो iPhone, बढ़ने वाले हैं दाम
  • 2. पैन-आधार नहीं हैं लिंक्ड?
  • 3. 10 साल से व‍िजय केड‍िया के पास ये शेयर
  • 4. Vi को मिलेगी सरकार से बड़ी राहत?
  • 5. Nifty50 का ह‍िस्‍सा बनेगी Indigo
  • Contact Us
  • About Us
  • Privacy & Cookies Notice
  • Complaint Redressal
  • Copyright © 2026 Money9. All rights reserved.
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • LinkedIn
  • Telegram
close