रिटर्न फाइल करने से पहले जान लीजिए IT एक्ट के सेक्शन 80D की सभी डिटेल्स

यह आपको 1 लाख रुपये तक का इनकम टैक्स डिडक्शन ऑफर कर सकता है. इसलिए, ITR फाइल करने से पहले अपने टैक्स एडवाइजर से सलाह लें.

रिटर्न फाइल करने से पहले जान लीजिए IT एक्ट के सेक्शन 80D की सभी डिटेल्स
माता-पिता सहित खुद के और परिवार के सदस्यों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर प्रीमियम के तौर पर खर्च किए अमाउंट पर इस कटौती का फायदा उठाया जा सकता है

फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है. ITR फाइल करने से पहले सभी तरह के टैक्स डिडक्शन की डिटेल्स पता होनी चाहिए. इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80D के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस किसी व्यक्ति को टैक्स डिडक्शन का बेनिफिट देता है. यदि आप अपना ITR फाइल करने जा रहे हैं, तो अपने हेल्थ इंश्योरेंस एक्सपेंडिचर के बारे में अपडेट रहें क्योंकि यह आपको 1 लाख रुपये तक का इनकम टैक्स डिडक्शन ऑफर कर सकता है. इसलिए, ITR फाइल करने से पहले अपने टैक्स एडवाइजर से सलाह लें और उसके अनुसार आगे बढ़ें. Money9 आपको बताएगा कि आप कैसे केवल मेडिकल या हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों से 1 लाख रुपये तक बचा सकते हैं.

सेक्शन 80D

IT एक्ट का सेक्शन 80D आपके और आपके परिवार के हेल्थ इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम पर खर्च किए गए पैसे पर टैक्स डिडक्शन की परमीशन देता है और आपकी टैक्स प्लानिंग में खास भूमिका निभाता है.

माता-पिता सहित खुद के और परिवार के सदस्यों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर प्रीमियम के तौर पर खर्च किए अमाउंट पर इस कटौती का फायदा उठाया जा सकता है. IT एक्सपर्ट अरविंद अग्रवाल ने कहा कि टैक्स पेयर और उसके माता-पिता की उम्र के आधार पर डिडक्शन की रेंज 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक होती है.

सेक्शन 80D के तहत लिमिट

एक इंडिविजुअल खुद के, पति या पत्नी और डिपेंडेंट बच्चों के इंश्योरेंस पर सेक्शन 80D के तहत 25,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकता है. माता-पिता के इंश्योरेंस के लिए एडिशनल डिडक्शन 25,000 रुपये तक उपलब्ध है, यदि वो 60 साल से कम उम्र के हैं.

यदि माता-पिता 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं, तो डिडक्शन अमाउंट 50,000 रुपये है. यदि टैक्स पेयर और माता-पिता दोनों 60 साल या उससे अधिक के हैं, तो इस सेक्शन के तहत अवेलेबल मैक्सिमम डिडक्शन 1 लाख रुपये तक है – खुद के लिए 50,000 रुपये और माता-पिता के लिए 50,000 रुपये.

सिनेरियो 1: अरुण की उम्र 31 साल है और उसके माता-पिता की उम्र 53 और 59 साल है. सेक्शन 80D के तहत अरुण को अधिकतम 50,000 रुपये के डिडक्शन का बेनिफिट मिल सकता है.

सिनेरियो 2: अरुण 37 साल का है और उसके माता-पिता 61 और 68 साल के हैं. इस स्थिति में अरुण को मैक्सिमम 75,000 रुपये के डिडक्शन का बेनिफिट मिल
सकता है.

सिनेरियो 3: यदि अरुण की उम्र 60 साल है और उसकी मां 83 साल की है और उसके पिता नहीं हैं, तो वो सेक्शन 80D के तहत 1 लाख रुपये के IT डिडक्शन का
फायदा उठा सकता है.

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर एक्सपेंस

अरविंद अग्रवाल ने कहा, यदि भुगतान किया गया कुल इंश्योरेंस प्रीमियम किसी भी कैटेगरी के लिए दी गई मैक्सिमम लिमिट से कम है, तो दी गई लिमिट के अंदर एक
फाइनेंशियल ईयर में आपके परिवार के लिए प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए 5,000 रुपये तक का क्लेम किया जा सकता है.

सेक्शन 80DDB

खुद के या डिपेंडेंट रिलेटिव पर किया मेडिकल एक्सपेंडिचर इनकम टैक्स डिडक्शन के लिए IT एक्ट के सेक्शन 80DDB के अंतर्गत आता है. इस सेक्शन के तहत भी अधिकतम 1 लाख रुपये तक के अमाउंट पर डिडक्शन का फायदा उठाया जा सकता है.
एक इंडिविजुअल के लिए 40,000 रुपये तक का डिडक्शन अवेलेबल है. यह अपने या अपने डिपेंडेंट में से किसी के लिए स्पेसिफाइड मेडिकल डिजीज के ट्रीटमेंट पर किए
गए खर्च के तौर पर उपलब्ध है.

अग्रवाल ने कहा कि 60 या 80 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के मामले में इंडिविजुअल टैक्स पेयर कुछ प्रतिबंधों के अधीन हर फाइनेंशियल ईयर में 1 लाख रुपये तक
का डिडक्शन क्लेम कर सकता है.

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