मजबूत मांग के चलते भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज में सितंबर में आया सुधार: PMI

पीएमआई आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में लगातार तीसरे महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं.

मजबूत मांग के चलते भारत की मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज में सितंबर में आया सुधार: PMI
पीएमआई में 50 से ऊपर का आंकड़ा गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है. PC: Pixabay

अर्थव्यवस्था की दृष्टि से एक अच्छी खबर आई है. सितंबर महीने में भारत की विनिर्माण गतिविधियों में सुधार हुआ है, पीएमआई आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है. कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों में ढील के बीच मांग की स्थिति में सुधार के चलते भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में यह सुधार देखा गया है. मौसमी रूप से समायोजित आईएचएस मार्किट भारत विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) अगस्त के 52.3 से बढ़कर सितंबर में 53.7 हो गया. यह व्यापक रूप से व्यावसायिक गतिविधियों में मजबूत विस्तार को दर्शाता है.

पीएमआई आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में लगातार तीसरे महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं. यहां बता दें कि पीएमआई में 50 से ऊपर का आंकड़ा गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गतिविधियों में संकुचन को दर्शाता है.

आईएचएस मार्किट की संयुक्त निदेशक पोलियाना डी लीमा ने कहा कि मांग में बढ़ोतरी के साथ ही भारतीय विनिर्माताओं ने सितंबर में उत्पादन काफी हद तक बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि नए काम की डिमांड में पर्याप्त तेजी आई है. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से भी यह देखने को मिला है. लीमा ने कहा कि भारत में हर ऑपरेटिंग स्थिति में लगातार तीसरे महीने सुधार हुआ है.

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