इस जगह लगाई गई अगरबत्तियां बनाने की नई यूनिट, अब विदेशों में भी होगी सप्‍लाई 

अगरबत्ती स्टिक बनाने की इकाई 350 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगी, जबकि 300 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी.

इस जगह लगाई गई अगरबत्तियां बनाने की नई यूनिट, अब विदेशों में भी होगी सप्‍लाई 

चीन और वियतनाम से कच्ची अगरबत्ती के आयात पर प्रतिबंध लगने के बाद, देश में अगरबत्ती उद्योग (Agarbatti Udyog) को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने नई पहल की है. खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के सहयोग से असम में बाजाली जिले में “केशरी जैव उत्पाद एलएलपी” नाम से एक प्रमुख बांस अगरबत्ती स्टिक बनाने की इकाई (Agarbatti Udyog) लगाई गई है. इससे न सिर्फ भारतीय अगरबत्ती उद्योग (Agarbatti Udyog) को मजबूती मिलेगी बल्कि इस क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा और दूसरे देशों से आयात भी कम होगा.

दरअसल हाल ही में चीन और वियतनाम से कच्ची अगरबत्ती के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. साथ ही अगरबत्ती के लिए गोल बांस की छड़ पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी के मद्देनजर असम में इन इकाइयों की स्थापना काफी महत्व रखती है. इन दो फैसलों को दो देशों से अगरबत्ती और बांस की लकड़ियों के आयात पर अनिवार्य रूप से रोक लगाने के लिए लिया गया था, जिनकी वजह से भारतीय अगरबत्ती उद्योगों को पंगु बना दिया था.

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