रेलवे ने कोरोना काल में 5,601 सवारी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला

Indian Railways: कोरोना काल में अस्पतालों में बिस्तरों की कमी की समस्या हुई तो रेलवे ने देश के कई राज्यों में आइसोलेशन रेल कोच मुहैया कराए.

Indian Railways, train, corona, covid update, railway

अनुमति से अधिक सामान को ब्रेकयान में ले जाने के लिए पहले से बुक कराया जा सकता है. यदि आपका सामान निशुल्क अनुमत सीमा से थोड़ा अधिक है तो आपसे आपकी श्रेणी के लिए लागू सामान्य सामान दर पर शुल्क लिए जाएंगे

अनुमति से अधिक सामान को ब्रेकयान में ले जाने के लिए पहले से बुक कराया जा सकता है. यदि आपका सामान निशुल्क अनुमत सीमा से थोड़ा अधिक है तो आपसे आपकी श्रेणी के लिए लागू सामान्य सामान दर पर शुल्क लिए जाएंगे

Indian Railways: कोरोना काल में जब अस्पतालों में बिस्तरों की कमी की समस्या हुई तो रेलवे (Indian Railways) ने देश के कई राज्यों में आइसोलेशन रेल कोच मुहैया कराए. भारतीय रेलवे द्वारा 5,601 सवारी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार को 813 आइसोलेशन रेल कोच मुहैया कराये गए थे. वहीं ऐसे रेल कोच के दोबारा प्रयोग के बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 20 साल से कम आयु वाले कोचों को फिर से सवारी डिब्बों के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

रेलवे द्वारा 5,601 सवारी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला
रेल मंत्री गोयल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा 5,601 सवारी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया. इन डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने के लिए चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मदों की व्यवस्था के साथ मिडिल बर्थ को हटाने और एक शौचालय को शावर रूम में बदलने जैसे मामूली संशोधन किए गए. एक कोच में 16 बेड तैयार किए गए थे. इस हिसाब से रेलवे ने तीनों राज्यों को 13 हजार से अधिक बिस्तरों की अतिरिक्त सुविधा मुहैया कराई थी.

रेल डिब्बों पर सभी 16 क्षेत्रीय रेलवे जोन में 38.30 करोड़ रुपए का व्यय
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान (जनवरी 2021 तक) आइसोलेशन वार्ड में बदले गए रेल डिब्बों पर सभी 16 क्षेत्रीय रेलवे जोन में 38.30 करोड़ रुपए का व्यय आया था. इसमें सबसे अधिक 5.55 पूर्व रेलवे, 4.60 मध्य रेलवे, दक्षिण रेलवे 3.70, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे 3.54, पश्चिम रेलवे 3.34 और उत्तर रेलवे 3.24 रहा. वहीं सबसे कम 0.41 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे 0.59 करोड़ रुपये रहा.

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकारों में दिल्ली ने 503, उत्तर प्रदेश ने 270 और बिहार ने 40 डिब्बों की मांग की थी जिसके पश्चात विभिन्न स्टेशनों पर ऐसे 813 डिब्बे लगाए गए थे जिनमें से 135 डिब्बों का उपयोग किया गया था. आइसोलेशन कोच के भविष्य में इस्तेमाल को लेकर कार्य योजना को लेकर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय रेलों को सूचित किया गया है कि 20 वर्ष से कम आयु वाले लोगों के लिए सवारी डिब्बों से परिवर्तित किए गए कोविड आइसोलेशन कोचों को परिचालनिक आवश्यकता के लिए सवारी डिब्बों में बहाल किया जा सकता है.

Published - March 21, 2021, 01:13 IST