OYO की अधिकृत पूंजी हुई 901 करोड़ रुपये, आईपीओ प्रबंधन के लिए निवेश बैंकों के साथ बातचीत जारी

OYO: उम्मीद की जा रही है कि फर्म आने वाले महीनों में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) दाखिल करेगी.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 9, 2021 / 04:52 PM IST
OYO की अधिकृत पूंजी हुई 901 करोड़ रुपये, आईपीओ प्रबंधन के लिए निवेश बैंकों के साथ बातचीत जारी
अधिकृत पूंजी, पूंजी की अधिकतम राशि होती है, जिसे कंपनी किसी भी समय जारी कर सकती है

ओयो (OYO) की मूल फर्म, ओरावेल स्टेज़ (Oravel Stays) के बोर्ड ने 1 सितंबर को आयोजित एक आम बैठक में कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी को मौजूदा 1.17 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 901 करोड़ रुपये करने के फैसले को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही नियामक (regulatory) फाइलिंग का खुलासा भी किया.

फर्म रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी

सार्वजनिक लिस्टिंग की कंपनी की प्रस्तावित योजनाओं से पहले बदलाव आते हैं. उम्मीद की जा रही है कि फर्म आने वाले महीनों में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) दाखिल करेगी, क्योंकि वह अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि जेपी मॉर्गन, सिटी और कोटक महिंद्रा कैपिटल जैसे निवेश बैंकों के साथ 1.5 अरब डॉलर के सार्वजनिक निर्गम (public issue) के प्रबंधन के लिए बातचीत शुरू करने के बाद कंपनी को 14-16 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 1.2 अरब डॉलर और 1.5 अरब डॉलर के बीच जुटाने की उम्मीद है.

पूंजी की अधिकतम राशि अधिकृत पूंजी होती है

अधिकृत पूंजी, पूंजी की अधिकतम राशि होती है, जिसे कंपनी किसी भी समय जारी कर सकती है. अधिकृत पूंजी की सीमा कितनी होगी इसे कंपनी के शेयरधारकों द्वारा तय किया जाता है और कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन दस्तावेज में निर्धारित होती है. कोई भी कंपनी अपनी ऑथराइज्ड पूंजी को उस वक्त बढ़ाती है जब वह आगे की पूंजी की जरूरत का अनुमान लगाती है या सार्वजनिक होने और स्टॉक एक्सचेंजों पर अपने शेयरों को सूचीबद्ध (list) करने का फैसला करती है.

660 मिलियन डॉलर जुटाने वाला पहला इंडियन स्टार्ट-अप

यह कदम OYO के आईपीओ से पहले भविष्य में पूंजी जुटाने की तैयारी का हिस्सा हो सकता है. आईपीओ (IPO) के अग्रदूत (precursor) के रूप में, OYO ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट से 9.6 बिलियन डॉलर के पोस्ट-मनी वैल्यूएशन पर नई पूंजी जुटाई है. जुलाई में, यह वैश्विक संस्थागत निवेशकों से बी ऋण मार्ग (B loan route) के माध्यम से 660 मिलियन डॉलर जुटाने वाला पहला इंडियन स्टार्ट-अप बन गया.

कंपनी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों-मूडीज और फिच द्वारा रेटिंग प्राप्त करने वाली पहली भारतीय स्टार्ट-अप भी बन गई है. ओयो ने इससे पहले सॉफ्टबैंक, सिकोइया (Sequoia), लाइट्सपीड वेंचर पार्टनर्स (Lightspeed Venture Partners), हीरो कॉरपोरेट जैसे ग्लोबल वेंचर कैपिटल फंड्स और डीआईडीआई (DiDi), और ग्रैब जैसी प्रमुख वैश्विक उपभोक्ता तकनीक कंपनियों से फंडिंग राउंड जुटाए हैं.

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