शेयर बाजार में कर रहे हैं निवेश तो इस तरह के आर्थिक सलाहकारों से रहें बचकर

बेयर मार्केट हो तब मार्केट से ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता है, तो फिर सलाहकार आफको कैसे ज्यादा रिटर्न दिलवा सकता है? ऐसे में सावधान रहें.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - October 15, 2021 / 02:18 PM IST
शेयर बाजार में कर रहे हैं निवेश तो इस तरह के आर्थिक सलाहकारों से रहें बचकर
पिछले छह महीनों से हम लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि बाजार में तेजी से सुधार होने वाला है.

मार्केट में आपको बहुत सारे आर्थिक सलाहकार (Economic Advisor) मिल जाएंगे. लेकिन निवेश करने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि किस तरह के आर्थिक सलाहकारों से दूर रहा जाए. एक अच्‍छा आर्थिक सलाहकार (Economic Advisor) आपको निवेश सही जगह लगाने की सलाह देता है, जिससे आपको अच्‍छा रिटर्न मिलता है. वहीं अगर सलाहकार सही न हो तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह के आर्थिक सलाहकारों (Economic Advisors)से दूर रहना अच्‍छा होता है और एक अच्‍छे आर्थिक सलाहकार को आप कैसे पहचान सकते हैं.

1. मार्केट से ज्यादा रिटर्न दिलाने का वचन देने वाले आर्थिक सलाहकार (Economic Advisor) से दूरी बनाए रखें. अगर आपने पहले से ही सलाहकार पसंद कर लिया है और वह भी ऐसा वचन दे रहा है तो तुरंत सतर्क हो जाएं. मार्केट में तेजी और मंदी की साइकल चलती रहती है. जब मार्केट में रिसेशन हो या बेयर मार्केट हो तब मार्केट से ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता है, तो फिर सलाहकार आफको कैसे ज्यादा रिटर्न दिलवा सकता है? ऐसे में सावधान रहें.

2. बिना सर्टिफाइड सलाहकार हायर न करें. सलाहकार के पास फाइनेंशियल प्लानिंग बोर्ड ओफ इन्डिया (FPSB) से जारी किया गया सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) का सर्टिफिकेट होना जरूरी है. आर्थिक सलाहकार का पिछला रिकॉर्ड भी चेक करना चाहिए. वह आपके और आपके परिवार के आर्थिक प्रश्नों का सही उत्तर देने के जिए कितना काबिल है यह जानना जरूरी हैं. अगर वो ईधर-उधर की बातें करता रहता है और आपको सिर्फ प्रोडक्ट बेचने में दिलचस्पी दिखाता है तो उससे दूर रहे.

3. अगर आपने पहले से ही आर्थिक सलाहकार हायर किया हुआ है तो ये चेक करें कि वो आपके साथ हर तीसरे और छठे महीने के बाद मीटिंग करता है या नहीं. वहीं समय के साथे आपके पोर्टफोलियो की और आपकी टैक्सेशन एवं ईन्श्योरन्स की जरूरतें रिबैलेन्सिंग करनी भी जरूरी है, अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे अलविदा कहने में ही भलाई है.

4 . आपको बताए बिना कोई भी निर्णय लेने वाला सलाहकार भी काम का नहीं है. कोई भी सौदा करने से पहले अगर वह आपको कुछ बताता नहीं है तो उसके साथ आगे न बढें. आपके पोर्टफोलियो में कुछ भी बाय-सेल करने से पहले आपको बताना जरूरी है. मान लें की आप उतने एक्सपर्ट नहीं है और आपने ही उसे निर्णय लेने का अधिकार दिया है फिर भी कुछ भी करने से पहले आपकी अनुमति लेना उसकी नैतिक जिम्मेदारी है.

5. सलाहकार आपकी कही गई सारी बात मान लेता है और आपके दिए गए सारे आदेश का पालन करता है तो तुरंत ऐसे सलाहकार से दूरी बना ले. आपने एक सलाहकार हायर किया है कोई सेक्रेटरी नहीं. सलाहकार का काम आपको गलत कदम उठाने से रोकने का है.

6. सलाहकार आपको फायदा कराने के लिए गैरकानूनी और नियम से विरुद्ध निर्णय लेता है तो बाद में आप मुश्किल में फंस सकते है. वहीं आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है. अगर सलाहकार आपको गलत डेटा देकर और झूठ बोलकर आपसे इंश्‍योरेंस पॉलिसी बाय करवाता है या टैक्‍स रिटर्न फाइल करवाता है या गलत तरीके अपनाकर बैलेंस शीट बनवाता है तो ऐसे सलाहकार से तुरंत ही दूरी बना लें.

अहमदाबाद के CFA महेश त्रिवेदीने बताया कि, ”व्यक्ति की शॉर्ट, मीडियम और लांग टर्म जरूरत के साथ उसकी फाइनेंशियल कैपेसिटी और रिस्क लेने की कैपेसिटी को ध्यान में रखकर सलाह देने वाला ही सच्चा आर्थिक सलाहकार है.’’

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