RBI के रेपो रेट में बदलाव नहीं करने के बाद बैंकिंग सेक्‍टर के शेयरों में दिखी तेजी

चालू वित्त वर्ष के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3% पर देखी गई है. Q2 में, यह 5.1%, Q3 में 4.5% और Q4 में 5.8% पर देखा गया है.

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  • Publish Date - October 8, 2021 / 12:51 PM IST
RBI के रेपो रेट में बदलाव नहीं करने के बाद बैंकिंग सेक्‍टर के शेयरों में दिखी तेजी
फ़िलहाल सभी की निगाहें बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी. क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में बेहतर प्रदर्शन ब्रॉडर मार्किट में आशावाद को फिर से जीवित कर सकता है, जबकि वहीं एक विफलता 18000 से नीचे के ब्रेकडाउन को ट्रिगर कर सकती है.

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की शुक्रवार को हुई बैठक के समापन के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने उदार रुख को बनाए रखा है. आरबीआई ने रेपो रेट की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. आरबीआई के इस फैसले का असर स्‍टॉक मार्केट पर देखने को मिला. इस दौरान बैंकिंग सेक्‍टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली है. इस दौरान निफ्टी बैंक सूचकांक 0.40% ऊपर 37,903.95 के स्‍तर पर दिखा. वहीं इस बीच निफ्टी 50 इंडेक्स 0.7% बढ़कर 17,914 के स्‍तर पर पहुंच गया.

इन शेयरों में दिखी तेजी

इस दौरान बंधन बैंक (3% ऊपर), एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (1.55% ऊपर), आरबीएल बैंक (1.4% ऊपर), आईसीआईसीआई बैंक (0.53% ऊपर), एक्सिस बैंक (0.44% ऊपर), एचडीएफसी बैंक (0.34% ऊपर), कोटक महिंद्रा बैंक (0.33 फीसदी ऊपर), आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (0.21 फीसदी ऊपर), एसबीआई (0.19 फीसदी ऊपर) और इंडसइंड बैंक (0.04 फीसदी ऊपर) आगे हरे निशान पर नजर आए. आपको बता दें कि आरबीआई ने रेपो रेट को 4% पर अपरिवर्तित रखा है. रिवर्स रेपो रेट 3.35% है.

आरबीआई ने वित्त वर्ष 22 के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान 9.5% पर बनाए रखा. इसमें Q2 में 7.9%, Q2 में 6.8% और Q4 में 6.1% शामिल हैं. Q1 FY23 के लिए, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 17.2% आंकी गई है.

चालू वित्त वर्ष के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3% पर देखी गई है. Q2 में, यह 5.1%, Q3 में 4.5% और Q4 में 5.8% पर देखा गया है.

एमपीसी के सभी छह सदस्यों ने दरों को अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया. राज्यपाल ने कहा कि हाई फ्रीक्‍वेंसी इंडीकेटर संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ी है, जिसे आगामी त्योहारी सीजन से और सहायता मिलेगी. हालांकि, उन्होंने स्थिर मुद्रास्फीति को स्वीकार किया, उनका मानना ​​है कि हम निकट अवधि में रिटेल इंफलेशन में नरमी की उम्मीद कर सकते हैं.

आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, एमपीसी ने “जब तक जरूरी हो तब तक विकास को पुनर्जीवित करने और बनाए रखने और COVID19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए जरूरी है, जबकि मुद्रास्फीति लक्ष्य के भीतर बनी हुई है” को बनाए रखने के लिए मतदान किया. रिवर्स रेपो रेट भी 3.35% पर अपरिवर्तित रहता है.

(पूंजी बाजार से इनपुट्स के साथ – लाइव न्यूज)

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