संसेरा इंजीनियरिंग IPO से जुड़ी 9 जरूरी बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए

संसेरा इंजीनियरिंग IPO: कंपनी FY19 में अपने कुल डेट को 563.76 करोड़ रुपये से घटाकर FY21 में 484.60 करोड़ रुपये करने में सफल रही.

  • Sakshi Batra
  • Publish Date - September 14, 2021 / 08:24 AM IST
संसेरा इंजीनियरिंग IPO से जुड़ी 9 जरूरी बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए
सरकार की FY21 की चौथी तिमाही में एलआईसी का आईपीओ लाने की योजना है. ऐसे में सरकार का लक्ष्य एलआईसी में निवेश को आकर्षक प्रस्ताव (attractive offer) बनाने के लिए समानता लाना है.

Sansera Engineering IPO: एक ओर जहां पूरा ऑटो सेक्टर टू व्हीलर की मांग में कमी, सेमीकंडक्टर्स की कमी या हायर इनपुट प्राइस जैसे कई मुद्दों का सामना कर रहा है, वहीं स्टॉक में तेजी के बीच इस सेक्टर की नई कंपनियों को आईपीओ लॉन्च करने से नहीं रोक पा रहा है. बेंगलुरू की ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी संसेरा इंजीनियरिंग 2021 में इस मुकाम
को हासिल करने वाली 41वीं कंपनी, एक्सचेंजों पर अपनी शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

IPO के लिए अप्लाई करने से पहले जान लें ये 9 जरूरी बातें

1) महत्वपूर्ण तारीखें
IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 14 सितंबर को खुलेगा और 16 सितंबर को बंद होगा.

2) इश्यू डिटेल
यह इश्यू कंपनी के मौजूदा शेयर होल्डर्स और प्रमोटरों द्वारा 17.2 मिलियन शेयरों का कंपलीट ऑफर फॉर सेल (OFS) है.

3) प्राइस बैंड
प्राइस बैंड 734-744 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. दरअसल, एलिजिबल एम्प्लॉई को फाइनल ऑफर प्राइस पर प्रति शेयर 36 रुपये की छूट मिलेगी.

4) ऑब्जेक्टिव
पब्लिक इश्यू कंपलीट ऑफर फॉर सेल है, इसलिए सभी फंड मौजूदा प्रमोटरों और शेयर होल्डर्स के पास जाएंगे. कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा. कंपनी को ऊपरी स्तर पर
1,282.97 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है.

5) लॉट साइज और रिजर्व्ड पोरशन
निवेशक कम से कम 20 शेयरों के लिए और उसके बाद उसके मल्टीपिल में बोली लगा सकते हैं. रिटेल निवेशक न्यूनतम राशि 14,880 रुपये प्रति लॉट और अधिकतम 13 लॉट के लिए 1,93,440 रुपये का निवेश कर सकते हैं.

ऑफर साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15 फीसदी नॉन- इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और 35 फीसदी रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व है.

6) कंपीटिटिव स्ट्रैंथ
कंपनी के पास कुशल और अनुभवी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और मैनेजमेंट टीम, भारतीय ऑटो निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ लंबे समय से संबंध का एक अच्छा डायवर्सीफाइड पोर्टफोलियो है. इसमें डिजाइन और इंजीनियरिंग में एडवांस कैपेबिलिटी है. इसका फाइनेंशियल परफॉरमेंस इंडस्ट्री लीडिंग मेट्रिक्स के साथ इंडस्ट्री ट्रेंड से भी ऊपर है. कंपनी रिटर्न में सुधार के लिए ऑपरेशनल एफिसिएंसी पर फोकस करना चाहती है. इसमें ग्लोबल मार्केट हिस्सेदारी को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक व्हीकल स्पेस को पूरा करने के लिए नए प्रोडक्ट में डायवर्सीफाई करने का विजन भी है.

7) फाइनेंशियल
कंपनी अपने रेवेन्यू का लगभग 65% भारत से और बाकी 35% अन्य देशों से प्राप्त करती है. FY21 के लिए, Sansera Engineering ने सालाना 147.31 करोड़ रुपये की तुलना में 157.23 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया. FY21 का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 79.91 करोड़ रुपये की तुलना में 109.86 करोड़ रुपये था. कंपनी FY19 में अपने कुल डेट को 563.76 करोड़ रुपये से घटाकर FY21 में 484.60 करोड़ रुपये करने में सफल रही.

8) कंपनी के बारे में
संसेरा ऑटोमोटिव और नॉन- ऑटोमोटिव सेक्टर में कॉम्प्लेक्स और क्रिटिकल प्रेसीजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट को लीड करने वाला इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है और इसका एक वाइड मार्केट है. यह टू-वहीलर के लिए कनेक्टिंग रॉड्स, क्रैंकशाफ्ट, रॉकर आर्म्स और गियर शिफ्टर फोर्क्स और पेसेंजर व्हीकल के लिए कनेक्टिंग रॉड्स और रॉकर आर्म्स का एक लीडिंग मैन्युफैक्चरर है. संसेरा के टू-व्हीलर और कार निर्माताओं के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं. शेखर वासन, उन्नी राजगोपाल कोथेनाथ, फादरज सिंघवी और देवप्पा देवराज कंपनी में संयुक्त रूप से 40.6% हिस्सेदारी के मालिक हैं. कंपनी में कुल प्रमोटर समूह की
हिस्सेदारी 43.9% है. इन्वेस्टर क्लाइंट एबेने और CVCIGP II एम्प्लॉई एबिन के पास क्रमशः 35.4% और 19.8% है.

9) अलोटमेंट और लिस्टिंग डेट
IPO शेयर अलोटमेंट को 21 सितंबर को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, जबकि असफल निवेशकों को फंड 22 सितंबर, 2021 के आसपास वापस कर दिया जाएगा. कंपनी 23 सितंबर के आसपास एलिजिबल निवेशकों के अकाउंट में शेयर जमा कर सकती है और शेयर 24 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

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