महंगे होने के बाद भी क्यों बढ़ रहा कर्ज?

प्रमुख बैंकों की चौथी तिमाही में लोन की ग्रोथ 13 से 19 फीसद तक रही

महंगे होने के बाद भी क्यों बढ़ रहा कर्ज?

देश में कर्ज की ब्याज दरें ऊपरी स्तर पर हैं. इसके बावजूद कर्ज की मांग में तेजी से बढ़ रही है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक, ICICI बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सहित देश के प्रमुख बड़े बैंकों ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के दौरान लोन में साल दर साल आधार पर 13-19 फ़ीसदी तक की वृद्धि दर्ज की है.

आंकड़ों के अनुसार मार्च-अंत तक एसबीआई का लोन साल दर साल आधार पर 16 फ़ीसदी बढ़कर 32.69 लाख करोड़ रुपए हो गया. वहीं HDFC बैंक लोन 17 फीसद बढ़कर 16 लाख करोड़ और और पीएनबी का 13 फीसद बढ़कर 8.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया. इस बीच आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने चौथी तिमाही के दौरान साल दर साल आधार पर लोन में 19 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की. इन बैंकों के लोन का आंकड़ा बढ़कर क्रमशः 10.19 लाख करोड़ रुपए और 9.69 लाख करोड़ रुपए हो गया.

एसबीआई की लोन बुक में ये बढ़ोतरी मुख्य रूप से रिटेल पर्सनल लोन के कारण हुई, जो साल दर साल आधार पर 17.6 फीसदी से बढ़कर 11.79 लाख करोड़ रुपए हो गया. इसमें कॉर्पोरेट लोन साल दर साल आधार पर 12.5 फ़ीसदी से बढ़कर 9.79 लाख करोड़ रुपए हो गया. रिटेल लोन ने एचडीएफसी बैंक की लोन बढ़ोतरी वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के 5.31 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में 6.34 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा दी. बैंक के रिटेल लोन में सबसे बड़ा हिस्सा पर्सनल, ऑटो और होम लोन का रहा.

एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “वित्त वर्ष 2024 के बजट में, देश में पूंजी निवेश को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जो अंततः क्रेडिट मांग को बढ़ावा देंगे.” उन्होंने कहा, हमें वित्त वर्ष 2024 में क्रेडिट मांग जारी रहने की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2024 के दौरान, SBI 12 से 14 फ़ीसदी के बीच सालाना आधार लोन ग्रोथ का लक्ष्य बना रहा है. उनके मुताबिक लोन में ग्रोथ रिटेल लोन, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SME) बड़े कॉर्पोरेट सेगमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा और संबद्ध क्षेत्रों से आने की उम्मीद है.

Published - May 23, 2023, 09:30 IST