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हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले मेडिकल चेकअप नहीं करवाने से आपको कई तरह का नुकसान होता है. बीमा कंपनी आपका लाखों रुपये का क्लेम खारिज कर सकती है.
Bumper To Bumper Insurance: मद्रास हाईकोर्ट ने अपना 4 अगस्त को दिया आदेश वापस लिया, नई गाड़ियों पर बंपर टू बंपर इंश्योरेंस लेना अब अनिवार्य नहीं
ब्रेक-इन पीरियड, कार बीमा न होने के बराबर ही है. इस दौरान कोई भी नुकसान होने पर कवर प्रदान नहीं किया जाता.
क्रिटिकल इलनेस प्लान आपके हेल्थ कवर को एक एक्स्ट्रा लेयर प्रोवाइड करता है. पहली लेयर एक बेसिक इंश्योरेंस पॉलिसी होनी चाहिए.
Title: एक लीगल टर्म है प्रॉपर्टी के सही मालिक को पहचानने के लिए इसका उपयोग किया जाता है. IRDAI ने हर मकान मालिक को टाइटल इंश्योरेंस देने के लिए कहा है
जीवन बीमा पॉलिसी: इन स्कीमों के तहत आप 2 लाख रुपए तक का लाइफ इंश्योरेंस प्राप्त कर सकते हैं.
IRDAI ने जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को इंडिविजुअल घर मालिकों और आवंटियों के लिए नया Title इंश्योरेंस प्रोडक्ट लॉन्च करने के लिए कहा है.
कोरोना कचव प्रोडक्ट इंडेमिनिटी हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट हैं. इनमें हॉस्पिटल का खर्च कवर होता है. बेसिक कवर में बीमा राशि 5 लाख रुपए तक हो सकती है.
इरडा कहता है कि ग्राहकों को बीमा कंपनी, इंटरमीडिएरी या एजेंटों की वास्तविकता को जांच लेना चाहिए. जांच के बाद ही ऑनलाइन पेमेंट के बारे में सोचना चाहिए
निवेश के हिस्से पर जीएसटी नहीं लगाया जाता है. आइए जानते हैं कि इंश्योरेंस पॉलिसी पर GST का कैलकुलेशन किस आधार पर किया जाता है.