Max Life की इस पॉलिसी से बीच में ही एक्जिट लेने पर भी प्रीमियम की रकम मिलेगी वापस

Max Life Smart Secure Plus: स्पेशल एक्जिट वैल्यू बेनिफिट के तहत प्लान के बीच में कभी भी एक्जिट लेने पर जमा किए प्रीमियम की रकम पॉलिसी होल्डर को वापस म

Insurance, IRDA, Insurance Fraud, Insurance Regulator, Insurance Mis-selling,

यदि आपने 30 लाख रुपये के साथ सामान के लिए और 5 लाख रुपये का कवर लिया है, तो आपको लगभग 2 हजार रुपये का सालाना प्रीमियम देना होगा. आप चोरी-डकैती, घरेलू सामानों की टूट-फूट आदि के लिए भी अतिरिक्त कवर ले सकते हैं. ऐसे में आपका सालाना प्रीमियम 5-6 हजार रुपये का होगा.

यदि आपने 30 लाख रुपये के साथ सामान के लिए और 5 लाख रुपये का कवर लिया है, तो आपको लगभग 2 हजार रुपये का सालाना प्रीमियम देना होगा. आप चोरी-डकैती, घरेलू सामानों की टूट-फूट आदि के लिए भी अतिरिक्त कवर ले सकते हैं. ऐसे में आपका सालाना प्रीमियम 5-6 हजार रुपये का होगा.

मैक्स लाइफ इंश्योरेंस एक ऐसी नई पॉलिसी लेकर आया है जिसमें अगर आप बीच में प्लान से निकलते भी हैं तो भी आपको जमा किए प्रीमियम की रकम वापस मिलेगी. ये फीचर है स्पेशल एक्जिट वैल्यू बेनिफिट. यही नहीं, इसके साथ ही पॉलिसी में प्रीमियम छूटने से लेकर रिटर्न ऑफ प्रीमियम की भी विकल्प है. बढ़ते खर्च और बीमारियों के खतरों के बीच सभी चाहते हैं कि उनके एक-एक पैसे का हिसाब रहे और एक ही पॉलिसी से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके. इस सोच में ये प्लान फिट बैठता दिख रहा है.

मैक्स लाइफ स्मार्ट सिक्योर प्लस प्लान के फीचर्स

1 – इस पॉलिसी में सबसे खास है इसका स्पेशल एक्जिट वैल्यू बेनिफिट. प्लान के बीच में कभी भी एक्जिट लेने पर जमा किए प्रीमियम की रकम पॉलिसी होल्डर को वापस मिलेगी. हालांकि, अगर आपने पॉलिसी में रिटर्न ऑफ प्रीमियम चुना है तो स्पेशल एक्जिट का फायदा नहीं मिलेगा. साथ ही, इस बेनिफिट का फायदा पाने के लिए अलग से प्रीमियम देने की जरूरत नहीं है.

2 – रिटर्न ऑफ प्रीमियम विकल्प: ये विकल्प चुनने पर पॉलिसी होल्डर के इंश्योरेंस प्लान के पॉलिसी टर्म के अंत तक जीवित रहने पर कुल जमा कराए प्रीमियम की रकम वापस मिलेगी.

3. प्लान में प्रीमियम ब्रेक का भी विकल्प है. यानी, पॉलिसी के बीच में ग्राहक दो बार प्रीमियम ब्रेक या हॉलिडे ले सकता है. पॉलिसी की अवधि के बीच अगर एक साल आप प्रीमियम जमा नहीं कर पाए तो भी प्लान की सुविधाएं जारी रहेंगी. लेकिन, पहला ब्रेक आप पॉलिसी के 10 साल बाद ही ले सकेंगे. तो वहीं, दूसरा ब्रेक पहले लिए ब्रेक के 10 साल बाद लिया जा सकेगा. हालांकि, बाद में ये अतिरिक्त प्रीमियम भरना पड़ेगा.

4 – प्लान में टर्मिनल इलनेस का भी कवरेज जोड़ा जा सकता है. टर्मिनल इलनेस होने पर 1 करोड़ रुपये तक का डेथ बेनिफिट दिया जाएगा. इसके लिए अलग से प्रीमियम नहीं देना होगा.

5 – इस पॉलिसी को खरीदते वक्त ही आप इसमें पार्टनर को भी जॉइंट कवर ले सकते हैं.

6 – पॉलिसीहोल्डर के निधन पर नॉमिनी को पे-आउट कई तरीकों से किया जा सकता है. एकमुश्त रकम के अलावा उनके पास हर महीने पैसे पाने का भी ऑप्शन रहेगा. तो वहीं, नॉमिनी कुछ रकम एकमुश्त और कुछ मंथली इनकम के तौर पर ले सकते हैं.

7 – वेवर ऑफ प्रीमियम का भी विकल्प हैं जिसके तहत मृत्यु, गंभीर बीमारी या एक्सिडेंट में अपंगता होने पर पॉलिसी के आगे के प्रीमियम जमा नहीं कराने होंगे.

8. पॉलिसी में ग्राहक कई तरह के अन्य राइडर चुन सकते हैं जैसे क्रिटिकल इलनेस (40 बीमारियों का कवर), डिसएबिलिटी, एक्सिडेंटल डेथ. वहीं, इंश्योरेंस टॉप-अप जैसी सुविधा भी शामिल है. अतिरिक्त प्रीमियम देकर पॉलिसी के बीच में कवरेज को 100 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है.

9. ये एक नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसी है यानी इसमें बोनस जैसी सुविधाएं नहीं हैं. ये प्लान 18 से 65 वर्ष के लोगों के लिए उपलब्ध है.

Disclaimer: निवेश या किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट की खरीदारी से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें. Money9.com इस लेख के जरिए केवल प्लान की जानकारी दे रहा है, खरीदारी का फैसला सलाह के बाद ही लें.

Published - June 22, 2021, 04:23 IST