बीमा लेते वक्त फ्रॉड करने वालों से सावधान, इन तरीकों से होती है मिस-सेलिंग

बीमा पॉलिसी खरीदने के बहाने नौकरी देने का जांसा दिया जाता हैं. इस प्रकार के बीमा की गलत बिक्री ग्रामीण या अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक आम है

keep these thing in mind to prevent yourself form insurance mis-selling

लालच और बातों के बहकावे में फंसकर ग्राहक कई बार ऐसी पॉलिसी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता नहीं होती है.

लालच और बातों के बहकावे में फंसकर ग्राहक कई बार ऐसी पॉलिसी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता नहीं होती है.

Mis-selling in Life Insurance: लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में विभिन्न प्रकार के फ्रॉड के मामले सामने आए हैं. कंपनियां ग्राहकों को फंसाने के लिए नाजायज तरीकों से बीमा बेचती हैं. बैंक या फाइनेंस कंपनी या बीमा कंपनी के एजेंट या टेलीकॉलर्स एक अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में ग्राहक के सामने पेश किए जाते हैं और वह आपको गलत तरीके से (Mis-selling) बीमा पॉलिसी बेच देते हैं. अनजान ग्राहक अक्सर उनके वादों के झांसे में आ जाते हैं और अंत में बीमा पॉलिसियां खरीद लेते हैं और उन्हें कभी कोई फायदा नहीं मिलता है. आपको मुफ्त हेल्थ इंश्योरेंस, बोनस, गोल्ड कोइन इत्यादि आकर्षक ऑफर्स का लालच दिया जाता है. ऐसे लालच और बातों के बहकावे में फंसकर ग्राहक कई बार ऐसी पॉलिसी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता नहीं होती है.

लाइफ इंश्योरेंस में मिस-सेलिंग के ये है 9 तरीकें, आपको रहना होगा सावधान

– नौकरी की पेशकश

बीमा पॉलिसी खरीदने के बहाने नौकरी देने का जांसा दिया जाता हैं. इस प्रकार के बीमा की गलत बिक्री ग्रामीण या अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक आम है जहां कम रोजगार दर का लाभ उठाकर विक्रेता ग्राहकों को ऐसे सौदों में फंसाते हैं.

– ब्याज मुक्त लोन की लालच

यह एक अन्य सामान्य प्रकार की गलत बिक्री है जहां टेलीकॉलर्स बीमा पॉलिसियों को खरीदने या बढ़ावा देने के बहाने ब्याज मुक्त लोन की आकर्षक ऑफर्स प्रदान करते हैं, लेकिन पॉलिसी खरीदने वाले को कभी कोई ऋण नहीं मिलता है.

– मुफ्त सोने का सिक्का देने का वादा

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बीमा पॉलिसी की खरीद पर मुफ्त सोने के सिक्के का वादा दिया जाता है. बहुत से लोग ऐसे जाल में फँस जाते हैं लेकिन ये वादे कभी पूरे नहीं होते.

– बैंक में एकल प्रीमियम पॉलिसी या FD के रूप मे बेचने का तरीका

आपको एकल प्रीमियम योजना या FD के रूप में बीमा पॉलिसी बेची जाती है है, लेकिन पॉलिसी धारक को एक वर्ष के बाद रिन्यूआल के लिए नोटिस प्राप्त होने पर पता चलता है कि, यह मिस-सेलिंग का मामला था. फिर यह एक नियमित प्रीमियम भुगतान करने वाली पॉलिसी बन जाती है न कि एकल प्रीमियम या FD.

– मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का ऑफर

विक्रेता जीवन पॉलिसी की खरीद के साथ-साथ मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का वादा करता है. हालांकि, किसी बीमा कंपनी द्वारा ऐसी कोई डील या ऑफर नहीं किया गया है.

– पॉलिसी से नियमित आय का लालच

बीमा पॉलिसी खरीदने पर आपको मासिक आय की पेशकश की जाती है. विक्रेता आपको पॉलिसी खरीदने पर मासिक आय उत्पन्न करने का वादा करता है. आपको हर महीने नियमित आय देने का वादा किया जाता हैं.

– नई पॉलिसी लेने पर बोनस देने का वादा

एक टेलीकॉलर आपको प्रस्ताव देता है कि आपकी एक व्यपगत पॉलिसी है जिसमें भुगतान न किए गए धन और बोनस हैं. आपको सलाह दी जाती है कि नई पॉलिसी खरीदने पर आपका पुराना पैसा ट्रांसफर किया जाएगा.

– बीमा पॉलिसी में निवेश से ओवरड्राफ्ट सुविधा देने का वादा

इस प्रकार की गलत बिक्री ज्यादातर बैंकों में देखी जाती है जहां विक्रेता ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठाने के लिए एकमुश्त भुगतान बीमा पॉलिसी बेचता है जबकि वास्तव में ऐसा कोई उत्पाद उपलब्ध नहीं है.

– रिन्यूअल प्रीमियम से नई पॉलिसी का वादा

यह मिस-सेलिंग का दूसरा रूप है जहां पॉलिसीधारक को यह एहसास नहीं होता है कि उनके नवीनीकरण प्रीमियम का उपयोग नई पॉलिसी जारी करने के लिए किया जा रहा है. मौजूदा पॉलिसी लैप्स हो जाती है और ग्राहक नई अवांछित पॉलिसी में फंस जाता है. ग्राहक एक नई पॉलिसी खरीदता है जबकि वह सोच रहा है कि वह एक नवीनीकरण प्रीमियम का भुगतान कर रहा है.

Published - October 22, 2021, 05:41 IST