कोरोना कवच बनाम कोरोना रक्षक: खरीदने से पहले जान लें अंतर

Insurance: दोनों हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट IRDAI की गाइडलाइन पर बेस्ड कोविड-19 से संबंधित अस्पताल के खर्चों के लिए हैं.

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आपको नो-क्लेम बोनस दिया जाता है. सबसे जरुरी होता है कि सही इंश्योरेंस ब्रोकर को चुनें जो आपको सही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने में मदद कर सके

आपको नो-क्लेम बोनस दिया जाता है. सबसे जरुरी होता है कि सही इंश्योरेंस ब्रोकर को चुनें जो आपको सही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनने में मदद कर सके

Insurance: कोविड -19 महामारी का न केवल इकोनॉमी पर बल्कि हमारे सामान्य जीवन पर भी गहरा असर पड़ा है. एक लेटेस्ट स्टडी के अनुसार, वायरस की तीसरी लहर अगस्त, 2021 में भारत में आने की संभावना है और अक्टूबर में ये अपने चरम पर पहुंच सकती है. केंद्र सरकार ने हाल ही में यह भी कहा कि दस राज्य रोज पॉजिटिव केस में बढ़ोतरी या टेस्ट पॉजिटिविटी रेट (TPR) में वृद्धि दर्ज कर रहे हैं. वर्तमान स्थिति को देखते हुए, प्रॉपर हेल्थ इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी हो गया है.

स्टैंडर्ड कोविड स्पेसिफिक पॉलिसियां

हमारे देश के बीमाकर्ता दो स्टैंडर्ड कोविड -19 स्पेसिफिक प्रोडक्ट- कोरोना कवच और कोरोना रक्षक ऑफर कर रहे हैं. दोनों हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट कोविड -19 से संबंधित अस्पताल के खर्चों के लिए है. ये IRDAI की गाइडलाइन पर बेस्ड हैं.

पॉलिसी टेन्योर

वर्तमान में, दोनों पॉलिसियों को साढ़े तीन महीने, साढ़े छह महीने और साढ़े नौ महीने की अवधि के लिए खरीदा जा सकता है, जिसमें 15 दिनों का वेटिंग पीरियड भी शामिल है. कोरोना कवच और कोरोना रक्षक 30 सितंबर तक परचेज और रिन्यू के लिए अवेलेबल हैं.

एंट्री एज

मिनिमम और मैक्सिमम एंट्री एज 18 साल और 65 साल है.

कोरोना कवच बनाम कोरोना रक्षक

दोनों ही पॉलिसियां कोविड-19 के लिए हैं, इसलिए कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले इनके अंतर को समझना जरूरी है.

पॉलिसी टाइप

कोरोना कवच एक क्षतिपूर्ति-आधारित योजना है जहां अस्पताल के बिल का रिम्बर्समेंट पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार बीमित राशि की सीमा तक किया जाता है.

दूसरी ओर, कोरोना रक्षक एक फिक्स्ड बेनिफिट प्लान है जहां बीमित व्यक्ति को 100 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किया जाता है.

हॉस्पिटलाइजेशन

कोरोना कवच पॉलिसी में बीमा राशि तभी लागू होगी जब अस्पताल में भर्ती होने की न्यूनतम अवधि 24 घंटे हो.
लेकिन, कोरोना रक्षक के मामले में, कम से कम 72 घंटे की निरंतर अवधि के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है.

पॉलिसी ऑफर

इंश्योरेंस कंपनियां परिवारों और व्यक्तियों को क्षतिपूर्ति के आधार पर एक अनिवार्य कवर के रूप में कोरोना कवच पॉलिसी प्रदान करती हैं जिसमें वास्तविक खर्च के अनुसार क्लेम का भुगतान किया जाता है.

कोरोना रक्षक प्लान को लाभ के आधार पर ऑप्शनल पॉलिसी के रूप में ऑफर किया जाता है. प्लान में, बीमाकर्ता पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार पूरी बीमा राशि का भुगतान करता है.

कवरेज

कोरोना कवच पॉलिसी में इंडिविजुअल और फैमली दोनों कवर होते हैं. दूसरी ओर, कोरोना रक्षक एक इंडिविजुअल प्लान है, और इसमें केवल एक व्यक्ति शामिल है.

कवरेज अमाउंट

कोरोना कवच पॉलिसी के लिए, मिनिमम इंश्योरेंस अमाउंट 50,000 रुपये है, और मैक्सिमम कवरेज जो आप प्राप्त कर सकते हैं वो 5 लाख रुपये है.

कोरोना रक्षक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी क्रमशः 50,000 रुपये और 2.5 लाख रुपये का न्यूनतम और अधिकतम कवरेज प्रदान करती है.

प्रीमियम

हालांकि कोरोना कवच और कोरोना रक्षक दोनों स्टैंडर्ड पॉलिसी हैं, इनका प्रीमियम इंश्योरर टू इंश्योरर वेरी होता है दूसरे शब्दों में कहे तो एक इंश्योरर का प्रीमियम दूसरे से अलग हो सकता है.

मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आपको ये पॉलिसियां 523 रुपये से 1,200 रुपये तक के प्रीमियम की रेंज में मिल सकती हैं.

राइडर्स बेनिफिट

अगर आपके पास कोरोना कवच हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो आप ‘हॉस्पिटल डेली कैश’ राइडर कवर खरीद सकते हैं.
कोरोना रक्षक पॉलिसी में कोई एडिशनल बेनिफिट नहीं है.

Published - August 2, 2021, 05:00 IST