Insurance Awareness: कोविड-19 ने बदली सोच, समझा दी हेल्थ इंश्योरेंस की अहमियत

परिवारों के लिए ये प्लान काफी उपयोगी हैं. वित्त मंत्री ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस देने की घोषणा की है.

  • Team Money9
  • Updated Date - September 7, 2021, 09:56 IST
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बीमारी के इलाज के खर्च को ध्यान में रखते हुए बीमा कवर की जरूरत समझ में आने लगी है

बीमारी के इलाज के खर्च को ध्यान में रखते हुए बीमा कवर की जरूरत समझ में आने लगी है

Insurance Awareness: कोविड-19 ने पूरी दुनिया में लोगों के जीवन को बदल कर रख दिया है. दिमाग पर अनिश्चितता छाई हुई है. लोग अपने भविष्य और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. लोग स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. दुर्भाग्यवश, भारत में हेल्थ इंश्योरेंस को उतना महत्व नहीं दिया जाता. किंतु, कोरोना महामारी की वजह से थोड़ा बदलाव आया है. अब लोगों को इंश्योरेंस का महत्व समझ आने लगा है. इंटरनेट की वजह से जागरुकता में वृद्धि हुई है. बीमारी के इलाज के खर्च को ध्यान में रखते हुए बीमा कवर की जरूरत समझ में आने लगी है. बीते दिनों हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है.

कोविड-विशिष्ट उत्पाद

महामारी के दौरान बीमा कंपनियां ग्राहक की जरूरतों को ध्यान रखते हुए विशिष्ट प्लान पेश कर रही हैं. साथ ही बीमा नियामक ने कोविड विशिष्ट उत्पाद पेश करने को अनिवार्य बना दिया है. आरोग्य संजीवनी पॉलिसी और कोरोना कवच पॉलिसी में 10 लाख और 5 लाख रुपए तक के कवरेज दिए जा रहे हैं. युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों के लिए ये प्लान काफी उपयोगी हैं. वित्त मंत्री ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए 50 लाख रुपए का मेडिकल इंश्योरेंस देने की घोषणा की है. बीमा नियामक इरडा ने हेल्थ क्लेम के सेटलमेंट को प्रभावशाली बनाया है, जिससे लोग स्वास्थ्य बीमा को लेकर प्रोत्साहित हुए हैं.

डिजिटाइजेशन

बीमा उद्योग में लेनदेन काफी होता है. ग्राहकों के व्यवहार में आए परिवर्तन के साथ ही यह उद्योग पहले से विश्लेषण कर रहा है और प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के अनुसार उत्पाद पेश कर रहा है. इसमें तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है. डिजिटाइजेशन की वजह से किसी पॉलिसी के बारे में रिसर्च करना आसान हो गया है.

साइबर सुरक्षा

कोरोना महामारी का असर कंपनियों पर भी पड़ा है. कर्मचारी घर से ऑनलाइन काम कर रहे हैं. इसके कारण साइबर जोखिम भी बढ़ा है. डिजिटाइजेशन के कारण भी साइबर अटैक के खतरे में इजाफा हुआ है. ऐसे खतरों के ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनियों ने साइबर अटैक से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कई तरह की बीमा योजनाएं पेश की हैं.

सही दिशा में कदम

चाहे सरकारी क्षेत्र हो या फिर निजी, बीमा को जीवन की अहम जरूरत बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. विश्वास मजबूत करने और लेनदेन को सरल करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि ग्राहकों की सुंतष्टि में इजाफा हो सके. बीमा, केवल एक उत्पाद या सेवा ही नहीं होता, बल्कि यह एक वादा भी होता है.

(लेखक, Raheja QBE General Insurance के MD और CEO हैं. ये विचार उनके अपने हैं.)

Published - September 7, 2021, 09:56 IST