हिंसा प्रभावित महिलाएं अब एक फोन कॉल पर दर्ज करा सकेंगी शिकायत

हिंसा पीड़ित महिलाओं को समय रहते न्याय दिलाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है. हिंसा प्रभावित महिलाएं एक फोन कर शिकायत दर्ज करा सकती हैं

INSURANCE, FIVE MISTAKES, HEALTH INSURANCE, COMPARISON BETWEEN POLICIES, CLAIM, MEDICAL COVERAGE,

एको, ICICI लोम्बार्ड, बजाज फिनसर्व और कुछ अन्य कंपनियां मोबाइल फोन के साथ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए ऑनलाइन इंश्योरेंस ऑफर कर रही हैं

एको, ICICI लोम्बार्ड, बजाज फिनसर्व और कुछ अन्य कंपनियां मोबाइल फोन के साथ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए ऑनलाइन इंश्योरेंस ऑफर कर रही हैं

हिंसा पीड़ित महिलाओं को समय रहते न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नई पहल शुरू की है. इसके तहत अब हिंसा से प्रभावित महिलाएं एक फोन कॉल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस हेल्पलाइन (helpline) नंबर 7827170170 को शुरू किया है. जो कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय महिला आयोग से जुड़ा है.

24 घंटे काम करेगी हेल्पलाइन

24 घंटे और सप्ताह के सभी दिन सक्रिय रहने वाली इस हेल्पलाइन (helpline) के जरिए सीधे संबंधित इलाके के सीनियर ऑफिसर को सूचना पहुंचेगी और फिर पीड़ित महिला तक मदद भी पहुंचेगी. इसके तहत पुलिस, अस्पताल, कानूनी सेवा, चिकित्सीय इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

18 या उससे अधिक आयु की कोई भी लड़की ले सकती है मदद

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी पीड़ित महिलाओं को किसी भी प्रकार की जरूरत होगी तो उनके साथ न सिर्फ महिला आयोग बल्कि सरकार भी साथ में खड़ी रहेगी. आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि इस हेल्पलाइन (helpline) के लिए टीम को ट्रेनिंग दी गई है. 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की कोई भी लड़की या महिला कॉल करके मदद ले सकती है. इस हेल्प लाइन के जरिए पीड़ित महिला वन स्टॉप सेंटर के बारे में भी जानकारी ले सकती हैं.

एक लाख में से 20 महिलाएं घरेलू हिंसा की हो रही हैं शिकार

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से यह हेल्पलाइन (helpline) सिस्टम तैयार किया गया है. हाल ही में नीति आयोग ने एसडीजी इंडिया इंडेक्स जारी किया था जिसके अनुसार देश की 8.46फीसदी विधानसभा सीटों पर महिला प्रतिनिधि होने के बावजूद महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है. एक लाख की आबादी पर 62 आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं जिनमें महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हुआ है. इसी तरह एक लाख में से 20 महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं. वहीं रोजगार की बात करें तो महिलाओं की तुलना में पुरुषों को 33 फीसदी अधिक रोजगार मिल रहा है.

Published - July 28, 2021, 06:58 IST