कोविड के पहले के स्तर पर पहुंची भारत की फ्यूल डिमांड: इंडियन ऑयल चेयरमैन

India fuel demand IOC Chairman- चूंकि एयरलाइंस सभी फ्लाइट्स का संचालन नहीं कर पा रही हैं, ऐसे में ATF की बिक्री सामान्य से कम पर है.

Indian Oil Corporation expects 100% refinery running during the quarter

इंडिया की फ्यूल (Indian Fuel) डिमांड (ATF को छोड़करकोविड से पहले के लेवल पर पहुंच गई हैइंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने यह बात कही है. पिछले साल अप्रैल में तेल की बिक्री में 45.8 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट आई थीउस वक्त पूरे देश में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया थालॉकडाउन (Lockdown) में नरमी दिए जाने के साथ ही तेल की मांग में रिकवरी होनी शुरू हो गईपेट्रोल सबसे पहले सामान्य ग्रोथ पर लौटा और इसके बाद डीजल भी कोविड से पहले के लेवल पर वापस आ गया है.

वैद्य ने कहा, “एटीएफ को छोड़कर हम सामान्य डिमांड (Indian Fuel) पर पहुंच चुके हैं.” पेट्रोल की बिक्री कोविड से पहले के स्तर पर कई महीने पहले ही आ गई थी, जबकि डीजल की बिक्री मार्च के पहले पखवाड़े में साल-दर-साल आधार पर 7.4 फीसदी बढ़ गई है.

LPG की बिक्री में लॉकडाउन के दौरान भी ग्रोथ दिखाई दी हैचूंकि एयरलाइंस सभी फ्लाइट्स का संचालन नहीं कर पा रही हैंऐसे में ATF की बिक्री सामान्य से कम पर है. उन्होंने कहा, “ATF को सामान्य स्तर पर लौटने में 3-4 महीने का वक्त लग सकता है.”

उनका कहना है कि IOC को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था में तेजी आने के साथ ही फ्यूल की मांग (Indian Fuel) भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा, “वैक्सीन के आने से हमें उम्मीद है कि अब सबकुछ ठीक हो जाएगा.” मार्च के पहले पखवाड़े में डीजल की बिक्री बढ़कर 28.4 लाख टन पर पहुंच गईजबकि पेट्रोल की मांग 5.3 फीसदी बढ़कर 10.5 लाख टन पर आ गई है.

अक्टूबर के बाद से पहली बार पेट्रोल की बिक्री में यह पहला सालाना उछाल हैलॉकडाउन के बाद ATF की बिक्री 80 फीसदी से ज्यादा घट गई थीमार्च के पहले पखवाड़े में यह 36.5 फीसदी कम रह गई है. भारत की अर्थव्यवस्था 2020 की चौथी तिमाही में सकारात्मक दायरे में पहुंच गई हैदो तिमाहियों तक सिकुड़ने के बाद वास्तविक जीडीपी 0.4 फीसदी बढ़ी है.

क्रूड ऑयल सप्लायर देशों के समूह ओपेक ने पिछले हफ्ते अपनी मासिक तेल रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि भारत में तेल की मांग 2021 में बढ़कर 49.9 लाख बैरल प्रतिदिन पर पहुंच जाएगी. 2020 में भारत की तेल मांग 10.54 फीसदी गिरी थी और यह 44 लाख बीपीडी पर आ गई थी. 2019 में यह डिमांड 49.1 लाख बीपीडी थी.

रिपोर्ट में कहा गया है, “अच्छे मैक्रोइकनॉमिक आंकड़े और कोविड-19 के मामलों में गिरावट से 2021 में भारत में ऑयल डिमांड आउटलुक मजबूत दिखाई दे रहा है.”

Published - March 16, 2021, 08:07 IST