नोट बदली से बैंकों को कैसे हो रहा फायदा?

बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी का आंकड़ा 1 लाख करोड़ के पार.

नोट बदली से बैंकों को कैसे हो रहा फायदा?

2000 रुपए की नोट बदली बैंकों के लिए अच्छी साबित हो रही है. इस नोट की वापसी से बैंकों में जमा राशि बढ़ रही है. इससे बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए के ऊपर पहुंच गया है. 2000 रुपए के नोट का सर्कुलेशन बंद होने से पहले बैंक लिक्विडिटी की समस्या से जूझ रहे थे. उधर नोट बंद होने की वजह से अर्थव्यवस्था में कुल करेंसी सर्कुलेशन में भी कमी आई है. बीते एक हफ्ते के दौरान कुल करेंसी सर्कुलेशन 36000 करोड़ रुपए घटा है.

इसका तात्कालिक असर हमें शॉर्ट टर्म में मनी मार्केट के इंट्रेस्ट रेट पर दिखा है. शॉर्ट टर्म इंट्रेस्ट रेट का असर हमें उन शॉर्ट टर्म इंट्रेस्ट रेट पर दिखाई दिया है जो बैंक ग्राहकों को देते हैं. यानी कर्ज लेने की लागत में भी कमी आई है. लेकिन लिक्विडिटी का ये प्रवाह थोड़े ही समय के लिए रहेगा क्योंकि बाजार में 2000 के नोटों की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं है.

बाजार में कुल कितने नोट थे?
RBI की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वित्त वर्ष 2021 में 2 हजार रुपए के 4,90, 195 लाख रुपए नोट थे. वित्त वर्ष 2023 में इन नोटों का आकंड़ा घटकर 3,62,220 लाख रुपए रह गया. एनालिस्ट को उम्मीद है इस राशि में से 1 लाख करोड़ रुपए तक की राशि बैंकों में जमा होगी. देश के सबसे बड़े बैंक SBI में अभी तक 14 हजार करोड़ रुपए के नोट वापस आ चुके हैं और 3 हजार करोड़ रुपए के नोट बदले जा चुके हैं.

Published - June 2, 2023, 02:10 IST