रिन्युअल पॉलिसी को लेकर Byju’s पहले से ही मुसीबत में है. अब कंपनी ने खर्च की भरपाई के लिए छंटनी शुरू कर दी है. कंपनी ने करीब 495 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. ये सभी उच्च वेतनभोगी थे. कर्मचारियों को हटाने से पहले बायजूज ने पिछले महीने एक पीआईपी लागू की थी. जिसके तहत काम करने वालों के प्रदर्शन की मॉनिटरिंग की जा रही थी.
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक Byju’s ने साढ़े चार सौ से ज्यादा कर्मचारियों को मेंटरिंग और उत्पाद विशेषज्ञ कार्यों से हटा दिया है. कर्मचारियों को 1 से 20 जुलाई तक प्रदर्शन सुधार योजना (पीआईपी) के तहत रखा गया था. सूत्रों का कहना है कि एचआर के कॉल के दो घंटे के अंदर ही कर्मचारियों का मेल एक्सेस जब्त कर लिया गया. बायजू के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि पिछले महीने एक पीआईपी लागू की गई थी, लेकिन कंपनी ने केवल 100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है. सेल डिवीजन में कोई नई छंटनी नहीं हुई है. प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस डिवीजन को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी ने 200 नए पेशेवरों की भर्ती भी की है.
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी पिछले साल के अंत से लगातार छंटनी कर रही है. कंटेंट या मीडिया क्रिएशन डिवीजन, सेल्स हेड, ऑफलाइन ट्यूशन सेंटर बिजनेस समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया. पिछले साल बायजूज में लगभग 50,000 कर्मचारी फुल टाइम आधार पर नौकरी करते थे. मगर हाल के दिनों में कंपनी ने कई वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को हटा दिया है क्योंकि सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन कंपनियां में बिक्री कम है.
कुछ समय पहले कंपनी ने अपने मानव संसाधन काम के लिए और संगठनात्मक परिवर्तन पर मैनेजमेंट को गाइड करने में मदद के लिए रिचर्ड लोबो को एक “विशेष” सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था. बता दें कंपनी को इन दिनों 1.2 अरब डॉलर के ऋण को लेकर कानूनी खींचतान से लेकर संगठन में छंटनी तक कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.
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