टैक्स सेविंग को एक एक्स्ट्रा लाभ के रूप में देखा जाना चाहिए, जो हमें उन वित्तीय उत्पादों से प्राप्त होता है जिनमें हम निवेश करते हैं.
ऐसा नहीं है कि केवल लोंग-टर्म में निवेश पर ही टैक्स-बेनिफिट मिलते है, कुछ इंवेस्टमेंट प्लान आपको शोर्ट-टर्म के लिए भी टैक्स में राहत दे सकते है.
Bank FD: कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था में आई मंदी की असर रियल एस्टेट (Real Estate) की कीमतों पर भी पड़ा है.
Tax: अगर आप पत्नी को उधार देते हैं और उस उधार रकम से संपत्ति खरीदी जाती है, तो ऐसी स्थिति में भी क्लबिंग नहीं होगी.
Investment: डेट कैटेगरी के CRF सबसे अधिक जोखिम वाला है क्योंकि यह इलिक्विड के रूप से लो-रेटेड पेपर में निवेश करता है.
Retirement Planning: रिटायरमेंट के बारे में सोच कर आदमी भावुक हो जाता है. अगर इसे आर्थिक पहलू से जोड़ कर देखें तो इसकी संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है.
NPS लंबी अवधि का निवेश है. रिटायर होने पर ही आप अपना NPS खाता बंद सकते हैं. 60 साल की उम्र के बाद आप जमा राशि का 60% हिस्सा निकाल सकते हैं.
NPS अकाउंटः इसमें 40% हिस्सा एन्युइटी में लगाना होता है जिस पर 5% ब्याज मिल रहा है और ऐसे में सरकार को पूरा फंड निकालने की सुविधा सभी को देनी चाहिए.
रेगुलेटर ने सरकार को सुझाव दिया है कि NPS पर मिलने वाला फिलहाल 50,000 रुपये का अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाए.
NPS या PFRDA के नाम पर फोन करने वाले लोगों का इरादा धोखाधड़ी करने का होता है और ये लोग आपको मोटी रकम दिलाने का झांसा देकर ठगते हैं