भारतीय बाजारों पर मार्च में भी मेहरबान रहे विदेशी निवेशक, लगाए 17,304 करोड़

FPI: भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार रही है. फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने 17,304 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

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डीमैट खाते के बाद आप मोबाइल ऐप की मदद से शेयरों में निवेश कर सकते हैं pixabay

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भारतीय बाजारों में मार्च में लगातार तीसरे महीने भी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार रही है. मार्च में फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने 17,304 करोड़ रुपये का निवेश किया है. डिपॉजिटरीज के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने मार्च में शेयरों में 10,482 करोड़ रुपये लगाए, जबकि उन्होंने डेट में 6,822 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

इस तरह से मार्च में भारतीय बाजारों में FPI ने नेट 17,304 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इससे पहले विदेशी निवेशकों ने फरवरी में भारतीय बाजारों में 23,663 करोड़ रुपये लगाए थे. जबकि जनवरी में इन्होंने 14,649 करोड़ रुपये का नेट निवेश किया था.

ग्रो के को-फाउंडर और सीओओ हर्ष जैन कहते हैं कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों से भारतीय बाजारों में निवेश पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा, इसके बावजूद कोविड की दूसरी लहर के दौरान मार्केट कहीं ज्यादा स्थिर नजर आ रहा है. इसकी वजह वैक्सीनेशन की मुहिम और इकनॉमी में हो रही रिकवरी है.

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर (मैनेजर रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अमरीका के 1.9 लाख करोड़ डॉलर के राहत पैकेज के ऐलान के बाद से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में इफरात में लिक्विडिटी आ गई है और ये पैसा ही भारत जैसे उभरते हुए बाजारों में निवेश हो रहा है.

वे कहते हैं कि इसके अलावा, कुछ ग्लोबल इंडेक्स में बदलावों से भी भारतीय बाजार में पैसा आ रहा है.

श्रीवास्तव कहते हैं कि ऊंची आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद के साथ ही जबरदस्त वैक्सीनेशन मुहिम, अर्निंग्स ग्रोथ में सुधार जैसे फैक्टर्स भी भारत को लंबे वक्त के लिहाज से निवेश के लिए एक अच्छा ठिकाना बना रहे हैं.

कोटक सिक्योरिटीज के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और हेड (फंडामेंटल रिसर्च) रुस्मिक ओझा कहते हैं, “अमरीकी अर्थव्यवस्था की ग्रोथ की ऊंची उम्मीदों के चलते दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे उभरते हुए बाजारों में FPI फ्लो बढ़ रहा है. हालांकि ओवरऑल देखा जाए तो उभरते हुए बाजारों में अभी भी निवेश उम्मीद से कम है.”

Published - April 4, 2021, 05:56 IST