अच्‍छी खबर: गुजरात में हाईराइज बिल्डिंग में आशियाना बनाने का सपना होगा पूरा

High-rise Building: जीडीसीआर-2017 के नियमन में संशोधन की प्रारंभिक अधिसूचना में उठाई गई आपत्तियों पर विचार के बाद अधिसूचना को मंजूरी दे दी है

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High-rise Building: गुजरात में अब दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई और देश के बाकी बड़े शहरों की तरह हाईराइज बिल्डिंग (High-rise Building) यानी बहुमंजिला इमारतें बन सकेंगी.

राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पांच महानगरों, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, गांधीनगर में गगनचुंबी इमारतों के निर्माण के लिए जीडीसीआर-2017 के नियमन में संशोधन की प्रारंभिक अधिसूचना में उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद इस अधिसूचना को अंतिम मंजूरी दे दी है.

इससे बिल्डर्स को तो लाभ होगा ही, साथ में आम जनता को भी फायदा होगा.

क्या होगा फायदा

हाईराइज बिल्डिंग की वजह से बिल्डर्स और डेवलपर्स को अधिक एफएसआई (फ्लोर स्‍पेस इंडेक्‍स) मिलेगी.

इस कारण कम जमीन पर अधिक घर बनाए जा सकते हैं, जिससे कुल मिलाकर घर की कीमतों में कमी आएगी और शहरी नागरिकों को सस्ते घर मिल सकेंगे.

इसके अलावा जिन लोगों की हाईराइज बिल्डिंग में रहने की इच्छा है, तो वो भी पूरी हो सकेगी.

अभी गुजरात में सबसे ऊंची रेसिडेंशियल बिल्डिंग GIFT सिटी है. जिसमें 29 फ्लोर हैं, लेकिन अब 150 मीटर्स से ज्यादा यानी 70 मंजिला बिल्डिंग भी बन सकेंगी.

पसंदीदा एरिया में घर खरीदने का सपना पूरा हो सकेगा

क्रेडाई के अध्यक्ष आशीष पटेल कहते हैं कि ज्यादा एफएसआई से घर की कीमतों में कमी आएगी. इससे बायर के फायदे के अलावा लोगों का भी अपनी पसंदीदा एरिया में घर खरीदने का सपना पूरा हो सकता है.

क्‍योंकि किसी एक एरिया में अब पहले से ज्यादा फ्लैट उपलब्ध होंगे. अब तक अगर 30 मंजिला इमारत बनती हैं, तो भविष्य में 50 मंजिला बनेगी तो घरों की उपलब्धता ज्यादा होगी.

बिल्डर्स को क्या करना होगा

सूत्रों के अनुसार, अहमदाबाद में पहली गगनचुंबी इमारत सिंधुभवन रोड पर बन सकती है, इसके अलावा शिलज और साइंस सिटी रोड पर भी ऐसे भवनों के निर्माण के प्रस्ताव अब सामने आएंगे.

इनमें से अहमदाबाद का हार्मनी डेवलपर ग्रुप साइंस सिटी रोड पर गगनचुंबी इमारत बनाने जा रहा है. राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक डेवलपर्स को आवेदन के रूप में अपना प्रस्ताव निगम के प्राधिकरण को भेजना होगा और अंतिम निर्णय उस प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा.

हालांकि, यह अंतिम निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव जांच समिति के अध्यक्ष होंगे, जिसके बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी.

गौरतलब है कि 18 अगस्त, 2020 को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सिंगापुर-दुबई की तरह राज्य के पांच महानगरों में गगनचुंबी इमारतों और आइकोनिक स्ट्रक्चर्स के निर्माण को मंजूरी के साथ ही प्रायमरी नोटिफिकेशन भी जारी किया था.

इस संदर्भ में सरकार ने लोगो के सुझाव भी मांगे गए थे. कोरोना के कारण इसमें देरी हुई है, लेकिन अब अंतिम अधिसूचना के बाद नए प्रोजेक्ट जल्द शरु होने की संभावना है.

Published - May 27, 2021, 03:25 IST