सेबी ने व्‍यापार नियमों को बनाया आसान, FPI को दी एडिशनल डिस्‍क्‍लोजर में छूट

नियामक ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को एडिशनल डिस्‍क्‍लोजर में छूट देने समेत कई अन्‍य जरूरी प्रस्‍तावों पर मुहर लगाई

सेबी ने व्‍यापार नियमों को बनाया आसान, FPI को दी एडिशनल डिस्‍क्‍लोजर में छूट

सेबी ने व्‍यापार नियमों का आसान और बेहतर बनाने के लिए कई उपायों को मंजूरी दी. इससे बाजार सहभागियों को मदद मिलेगी. नियामक ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को एडिशनल डिस्‍क्‍लोजर में छूट देने का निर्णय लिया. जिसके तहत विदेशी निवेशकों और प्रारंभिक शेयर बिक्री के जरिए धन जुटाने की चाह रखने वाली संस्थाओं को छूट दी जाएगी. सेबी ने यह फैसला शुक्रवार को आयोजित अपनी बोर्ड बैठक में की.

सेबी ने कई अन्‍य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है. नियामक ने इक्विटी शेयरों के सार्वजनिक/राइट्स इश्यू में एक प्रतिशत सुरक्षा जमा की आवश्यकता को खत्म करने का फैसला किया है. साथ ही अप्रत्याशित घटना के कारण ऑफर समापन तिथि को बढ़ाने में लचीलापन प्रदान किया गया है.
ये उपाय आईपीओ और धन कमाने के लिए आने वाली कंपनियों के लिए व्यापार को आसान बनाने के लिए किया गया है.

टी+0 के बीटा संस्करण के लॉन्च की मंजूरी

सेबी बोर्ड ने तेज सेटलमेंट के लिए T+0 के बीटा वर्जन को मंजूरी दी है. 25 शेयरों के लिए और चुनिंदा ब्रोकर्स के साथ इसकी शुरुआत की जाएगी. पहले 3 और 6 महीने की प्रोग्रेस देखी जाएगी जिसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा. इसके अलावा बोर्ड ने एफपीआई की ओर से भौतिक परिवर्तनों के खुलासे के लिए समयसीमा में ढील देने का भी फैसला लिया है.

IPO से जुड़े नियमों में भी बदलाव

सेबी ने बोर्ड बैठक में IPO लाने से जुड़े नियमों में भी कई बदलाव किए हैं. इसके तहत मिनिमम प्रमोटर कॉन्ट्रिब्यूशन तय करने के नियम में राहत दी गई है. साथ ही IPO के लिए कनवर्जन वाले शेयर भी कॉन्ट्रिब्यूशन में मान्य होंगे. 20% से कम प्रमोटर कॉन्ट्रिब्यूशन पर IPO लाने की छूट दी गई है. बिना प्रमोटर टैग के प्रमोटर कॉन्ट्रिब्यूशन देने का मौका मिलेगा. इश्यू साइज घटने/बढ़ने पर DRHP री-फाइलिंग में छूट मिलेगी, वहीं इश्यू साइज का 1% सिक्योरिटी डिपॉजिट रखने की शर्त हटा दी गई है.

Published - March 16, 2024, 10:44 IST