निर्यात बढ़ाने के लिए जिलों का रुख करेगी सरकार

देश के कुल निर्यात में देश के 70 जिलों की 80 फीसद हिस्सेदारी

निर्यात बढ़ाने के लिए जिलों का रुख करेगी सरकार

विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष सारंगी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार निर्यात बढ़ाने के लिए जिलों का रुख करेगी. उन्होंने यहां उद्योग मंडल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स में संवाददाताओं से कहा कि देश के कुल निर्यात में 80 फीसद हिस्सेदारी देश के 70 जिलों की है. सारंगी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब तक इस मकसद के लिए दो जिलों दार्जिलिंग और हावड़ा की पहचान की गई है.

GDP के मुकाबले निर्यात का अनुपात 22 फीसद
चाय के लिए दार्जिलिंग और आभूषण तथा इंजीनियरिंग से जुड़ी वस्तुओं के लिए हावड़ा.. उनके लिए निर्यात योजनाएं भी लाई गई हैं. उन्होंने कहा कि जिलों में निर्यात बढ़ाने की बहुत बड़ी संभावना है. देश के कुल निर्यात में केवल 70 जिलों की हिस्सेदारी 80 फीसद है. वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाला डीजीएफटी देश की व्यापार नीति बनाता है और उसे लागू करता है. भारत का सकल घरेलू उत्पाद के मुकाबले निर्यात का अनुपात अभी 22 प्रतिशत है, जो जर्मनी और ताइवान जैसे देशों से कम है.

निर्यात में गिरावट से जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसद
सांख्यिकी मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही के दौरान देश की GDP ग्रोथ 7.8 फीसद रही है. ग्रोथ का यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के अनुमान से कम है. रिजर्व बैंक ने जून तिमाही में 8 फीसद ग्रोथ का अनुमान लगाया था. इस साल जून तिमाही के दौरान GDP ग्रोथ अनुमान से कम रहने की वजह एक्सपोर्ट और निजी खपत में आई गिरावट को माना जा रहा है. एक्सपोर्ट की बात करें तो इस साल जीडीपी ग्रोथ में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी कम होकर 20.9 फीसद रह गई है जो पिछले साल 24.4 फीसद थी. जून तिमाही के दौरान GDP ग्रोथ में निजी खपत की हिस्सेदारी घटकर 57.3 फीसद रह गयी है.

Published - September 1, 2023, 06:21 IST