रिटायरमेंट प्लानिंगः बस 50 रुपये रोज बचाइए और 60 साल की उम्र में पाइए 2.5 करोड़

अगर आप 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार करने में सफल हो जाते हैं तो आप रिटायरमेंट के बाद के बाद एक आसान जिंदगी जी सकते हैं.

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image: pixabay, इक्विटी में निवेश के बारे में सोच-समझ कर निर्णय लें.

image: pixabay, इक्विटी में निवेश के बारे में सोच-समझ कर निर्णय लें.

हम सब अपनी सेविंग्स की शुरुआत इस सोच के साथ करते हैं कि रिटायरमेंट के बाद पैसों की तंगी न पड़े.

म्यूचुअल फंड सेक्टर हमें सिस्टेमैटिक रूप से निवेश की ऐसी आजादी देता है जिसमें निवेशकों की जेब पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ता और वे एक बड़ा फंड तैयार करने में भी सफल हो सकते हैं.

मजबूत प्लानिंग

देश का सैलरीड तबका अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाता है. अगर आप 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार करने में सफल हो जाते हैं तो आप रिटायरमेंट के बाद के बाद एक आसान जिंदगी जी सकते हैं.

कई लोग सरकारी गारंटी वाले Fixed Income इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं. इनमें PPF, NSC, NPS जैसे साधन आते हैं.

लेकिन, अगर आप थोड़ा सा भी जोखिम लेने का मन बनाते हैं तो आसानी से करोड़पति बनने की राह पर तेजी से बढ़ सकते हैं.

आंकड़े

मान लीजिए किसी शख्स की पहली नौकरी 25 साल की उम्र पर लगती है. और उसे 15,000 रुपये महीना मिल रहा है.

अगर ये शख्स हर रोज 50 रुपये बचाता है तो वह हर महीने 1,500 रुपये हर महीने जोड़ सकता है. ये उसकी सैलरी का 10 फीसदी बैठता है.

इस पैसे को आसानी से किसी बढ़िया ट्रैक रिकॉर्ड वाले म्यूचुअल फंड की SIP में लगाया जा सकता है.

अगर ये शख्स 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है तो वह 60 साल की उम्र में रिटायर होने तक 35 साल निवेश करेगा.

ये शख्स इस दौरान महज 6.3 लाख रुपये निवेश करेगा. हालांकि, रिटायरमेंट की उम्र पर पहुंचने पर उसे कई गुना ज्यादा रकम मिलेगी.

फंड

एक्सपर्ट्स मोटे तौर पर म्यूचुअल फंड्स की तीन कैटेगरीज का जिक्र करते हैं. इनमें डेट फंड, बैलेंस्ड फंड और इक्विटी लिंक्ड फंड्स आते हैं. इक्विटी आधारित फंड्स को इनमें सबसे ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है.

35 साल के टेन्योर के लिए और एक कंजर्वेटिव अनुमान से देखें तो ये फंड्स क्रमशः 10 फीसदी, 13 फीसदी और 16 फीसदी सालाना रिटर्न दे सकते हैं.

35 साल की अवधि में कोई इक्विटी ग्रोथ फंड आपकी निवेश की रकम को करीब 2.2 करोड़ रुपये बना देगा. अगर ये औसतन 17 फीसदी रिटर्न देता है तो ये रकम बढ़कर 2.9 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगी.

बैलेंस्ड फंड के लिए, ये रिटर्न करीब 1.05 करोड़ रुपये बैठेगा. अगर ये फंड 12 फीसदी के हिसाब से रिटर्न दे तो भी आपको 90 लाख रुपये मिल जाएंगे.

अगर डेट फंड्स की बात करें जो कि कंजर्वेटिव होते हैं, तो इनमें भी आपको करीब 51.4 लाख रुपये 35 साल में मिल जाएंगे. अगर आप 11 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाएं तो ये रिटर्न बढ़कर 65.1 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा.

नतीजा

म्यूचुअल फंड्स मार्केट्स से जुड़े होते हैं और इनमें अलग-अलग स्तर के जोखिम होते हैं. अपने निवेश एक्सपर्ट से बात कीजिए और जानिए कि आपके प्रोफाइल के हिसाब से कौन सा फंड उपयुक्त है.

यहां तक कि अगर आप बेहद नपेतुले तरीके से भी जोखिम लेते हैं तो भी आप केवल एक जरिये से ही करोड़पति बन सकते हैं.

ऐसे में नतीजा ये है कि निवेश की दुनिया में जितनी जल्दी आप एंट्री करेंगे, बाद में उतना ही तगड़ा फंड आपके हाथ आएगा.

(डिस्क्लेमरः इस स्टोरी में की गई सिफारिशें संबंधित रिसर्च और मार्केट ट्रेंड पर आधारित हैं. मनी9 और इसका मैनेजमेंट इनकी निवेश सलाह के लिए किसी तरह से उत्तरदायित्व नहीं होगा. निवेश करने से पहले इनवेस्टमेंट एडवाइजर से जरूर सलाह लें.)

Published - May 17, 2021, 07:53 IST