IPO की खराब लिस्टिंग की असरः रॉकेट स्पीड से भागने वाले अनलिस्टेड शेयरों पर लगा ब्रेक

अगस्त में ज्यादातर IPO का लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक न होने से IPO लाने के लिए सक्रिय कंपनियों के अनलिस्टेड शेयर पर सेलिंग प्रेशर बढ़ने लगा है.

  • Team Money9
  • Updated Date - August 27, 2021, 04:23 IST
Buy Multiplex Stocks: 

ब्रोकरेज फर्म ने आईनॉक्स लेजर के लिए 455 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तरों से 22% ऊपर है. जबकि PVR के लिए टारगेट प्राइस 1,825 रुपये प्रति शेयर है जो मौजूदा स्तरों से 17% ऊपर है.

ब्रोकरेज फर्म ने आईनॉक्स लेजर के लिए 455 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तरों से 22% ऊपर है. जबकि PVR के लिए टारगेट प्राइस 1,825 रुपये प्रति शेयर है जो मौजूदा स्तरों से 17% ऊपर है.

Unlisted Market: एक के बाद एक IPO की धमाकेदार लिस्टिंग का सिलसिला रुक गया है. अगस्त में 8 में से 5 कंपनियों के शेयर इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुए हैं और 7 कंपनी के शेयर की कीमतें इश्यू प्राइस के नीचे चली गई हैं, जिसका असर अनलिस्टेड मार्केट पर भी दिखना शुरू हो गया है. IPO की लिस्टिंग को लेकर दलाल स्ट्रीट में जो जबरदस्त उत्साह था वह भी अब थम गया है, जिसके कारण अनलिस्टेड शेयरों के निवेशक भी सतर्क हो गए हैं. पिछले कुछ महीनों से रॉकेट की स्पीड से बढ़ने वाले अनलिस्टेड शेयरों पर अचानक ब्रेक लग गया है. जिन काउंटर में अब तक बाइंग प्रेशर था वहां अब सेलिंग प्रेशर दिखने लगा है.

अनलिस्टेड और डीलिस्टेड सिक्योरिटीज का कामकाज करने वाली कंपनी मित्तल पोर्टफोलियोज के डायरेक्टर और Delistedstocks.in के सह-स्थापक मनीष मित्तल बताते हैं, “अनलिस्टेड शेयर्स की डिमांड कम हो गई है. जिन शेयरों में तेजी चल रही थी, वहां ब्रेक लग गया है. हाल ही में मिडकैप और स्मॉलकैप में हुए करेक्शन का प्रभाव अनलिस्टेड मार्केट में दिख रहा है.”
Sterlite Power, Paytm, Mobikwik जैसी कंपनियां जो IPO लाना चाहती हैं उनके अनलिस्टेड शेयर में अधिक करेक्शन देखा गया है. हालांकि, IPO लिस्टिंग के मुकाबले प्री-IPO बाजार में गिरावट कम हैं, लेकिन करेक्शन की शुरुआत हो चुकी हैं. अनलिस्टेड मार्केट में सक्रिय डीलर्स का मानना है कि पिछले एक साल से अनलिस्टेड मार्केट में जिस तरह की तेजी दिखी है उसके मुकाबले 10-25% तक का करेक्शन चिंता करने वाली बात नहीं है. ऐसे करेक्शन की उम्मीद पहले से थी और इससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर नेगेटिव प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं हैं.

सेलिंग प्रेशर

प्री-IPO और अनलिस्टेड शेयर में डीलिंग करने वाली दिल्ली की Unlisted Zone के डायरेक्टर दिनेश गुप्ता बताते हैं, “अगस्त में कुछ IPO का लिस्टिंग उम्मीद से बेहद खराब होने के कारण अनलिस्टेड मार्केट में थोडा ठहराव आया है. कुछ अनलिस्टेड शेयर के लिए अब सेलिंग प्रेशर दिखने लगा है और अनलिस्टेड काउंटर के इन्वेस्टर्स पर शेयर बेचने का दबाव बना है.”

वैल्यू बाइंग का मौका

गुप्ता कहते हैं, “अनलिस्टेड शेयर्स में 10-15% का करेक्शन अच्छा है. जो इन्वेस्टर्स वैल्यू बाइंग करना चाहते हैं, उनके लिए यह करेक्शन एक मौका बन सकता है.”

मित्तल बताते हैं, “पहले अनलिस्टेड शेयर्स की वैल्यूएशन बहुत ऊपर थी, लेकिन अब हेल्दी करेक्शन आया है.” यह मार्केट शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए नहीं है, इसमें लंबी अवधि तक रुकने वालों का काम है, इसलिए, करेक्शन ज्यादा नहीं हुआ है.

IPO आने से पहले करेक्शन

वर्ष 2021 में 550 रुपये से 1,700 रुपये तक का सफर तय करने वाले Sterlite के अनलिस्टेड शेयर अब 1,300-1450 रुपये की रेंज में आ गए हैं. यानी, अगस्त में इस काउंटर में 25% तक का करेक्शन हुआ है. कंपनी ने दो हफ्ते पहले ही सेबी में 1,250 करोड रुपये के IPO के पेपर्स जमा करवाए हैं.

16,600 करोड़ रुपये के मेगा-IPO के लिए पेपर्स जमा करवा चुकी Paytm के अनलिस्टेड शेयर की कीमत 2,750-2,850 रुपये की रेंज में चल रही है, जो जुलाई के अंतिम दिनों में 3,100 रुपये तक पहुंच गई थी. यानी, Paytm (One97 Communication) के अनलिस्टेड शेयर्स में 11% करेक्शन आया है.

Arohan Financial Services भी सितंबर में IPO लाने वाली है. इसके अनलिस्टेड शेयर कुछ दिनों पहले 320 रुपये में मिलते थे, जिनकी कीमत अब 250-280 रुपये बताई जा रही है, यानी इसके शेयर 21% गिर गए हैं.

Mobikwik ने IPO के लिए पेपर्स जमा करवा दिए हैं और इसके अनलिस्टेड शेयर में भी 8% करेक्शन हुआ है. 25 दिन पहले इसके अनलिस्टेड काउंटर में 1,250 रुपये में डील हुई थी, जो आज 1,150 रुपये पर आ गई है.

अनलिस्टेड मार्केट के डीलर्स का कहना है कि इस मार्केट के इन्वेस्टर्स ऐसे छोटे करेक्शन से ज्यादा प्रभावित नहीं होते हैं. इस मार्केट में वैल्यू गेम खेलने वाले ही आते हैं. यदि शेयर का वैल्यूएशन बहुत ऊपर हो तो वह इन्वेस्टर्स के लिए अच्छी बात नहीं है, इसलिए हेल्दी करेक्शन होना जरूरी है जो इन्वेस्टर्स को वैल्यू बाइंग का मौका देता है.

Published - August 27, 2021, 04:22 IST