डाकघर में 10 साल से अधिक के बच्‍चों का भी खुल सकता है मंथली इनकम खाता

Post Office Monthly Income Scheme: जानिए खाता खुलवाने से लेकर ब्‍याज दर, मैच्‍योरिटी और समय पूर्व बंदी से जुड़े महत्वपूर्ण नियम

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Picture: India Post

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बच्‍चों के भविष्‍य की चिंता हर मां-बाप को होती है. अच्छी बात यह है कि हाल के वर्षों में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसे लेकर जागरूकता बढ़ी है. हालांकि इन दूर-दराज इलाकों में लोगों को बच्चों के लिए निवेश के बहुत ज्यादा विकल्प नहीं मिल पाते. ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर की बचत योजनाएं आज भी सबसे सुगम सुरक्षित निवेश विकल्प बनी हुई हैं. आज हम आपको बच्चों से जुड़ी डाकघर की ऐसी ही उपयोगी स्कीम डाकघर मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme) के बारे में बताने जा रहा है.

कौन खुलवा सकता है खाता

डाकघर मासिक आय योजना (पीओएमआईएस) एक बचत योजना है. इसमें एक निश्चित राशि जमा कर सकते हैं और हर महीने एक निश्चित ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. कोई भी भारतीय नागरिक डाकघर में ऐसा खाता खोल सकता है. अधिकतम तीन वयस्क संयुक्त रूप से इस तरह का खाता खोल सकते हैं. इसके अलावा 10 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नाबालिग अपने नाम पर पीओएमआईएस खाता खुलवा सकता है।

कितनी रकम होगी जमा

यह खाता कम से कम 1,000 रुपये जमा करके खुलवाया जा सकता है. एकल खाते में अधिकतम 4.5 लाख रुपये और संयुक्त खाते में यह सीमा 9 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं, जिसमें निवेश में सभी खाताधारकों की बराबर हिस्सेदारी होती है.

कितना मिलेगा ब्याज

पीओएमआईएस में ब्याज का भुगतान खाता खोलने की तारीख से एक महीना पूरा होने पर किया जाता है और यह सिलसिला परिपक्वता यानी मैच्‍योरिटी तक जारी रहता है. आप अपने खाते से ऑटो क्रेडिट के माध्यम से ब्याज निकाल सकते हैं. इसके लिए आप डाकघर में स्थायी निर्देश दे सकते हैं या इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के जरिये भुगतान प्राप्त कर सकते हैं.

यदि आप हर महीने भुगतान किए जाने वाले ब्याज को नहीं निकालते, तो इस ब्याज पर आपको कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलेगा. इसके अलावा पीओएमआईएस में निर्धारित सीमा से अधिक जमा की गई अतिरिक्त राशि पर केवल डाकघर बचत खाता दर पर ब्याज मिलता है. यह नियम खाता खोलने की तारीख से पुनर्भुगतान या धनवापसी की तारीख तक लागू रहता है. इस स्‍कीम के तहत मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है और यह आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर मुक्त नहीं होती.

मैच्योरिटी

जिस डाकघर में आपने खाता खोला है, वहां अपनी पासबुक के साथ फार्म जमा करके आप पांच साल बाद खाता बंद करा सकते हैं. हालांकि, यदि खाताधारक की मृत्यु अगर खाते की परिपक्वता से पहले हो जाती है, तो इसे बंद करा कर जमा राशि नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारियों दी जा सकती है. उस स्थिति में धनवापसी से पिछले महीने तक के ब्याज का भुगतान किया जाएगा. खाता खोलते समय आपको अपने परिवार के किसी एक सदस्य को नामांकित करना चाहिए, ताकि यदि खाते की अवधि के दौरान आपकी मृत्यु हो जाती है, तो रकम उनको मिल सके.

मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने के नियम

यह जान लेना भी जरूरी है कि जमा की तारीख से एक वर्ष के भीतर इस खाते से कोई राशि नहीं निकाली जा सकती है. खाता अगर एक वर्ष के बाद और तीन वर्ष से पहले पहले बंद हो जाता है, तो मूलधन से 2% की कटौती कर शेष राशि का भुगतान कर दिया जाता है. अगर खाता तीन से पांच साल के बीच बंद कर दिया जाता है, तो मूलधन से केवल 1% राशि की कटौती की जाती है.

Published - July 6, 2021, 11:42 IST