टैक्स बचाने के साथ-साथ वेल्थ भी बढ़ाएं, ये है स्‍मार्ट इन्वेस्टर बनने का तरीका

Smart Investor: निवेश की सही जानकारी नहीं होने से फाइनेंशियल प्लानिंग पर असर पड़ता है. आपको टैक्स बचाने और आय बढ़ाने के तरीके ढूंढ़ने चाहिए

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Picture: Pixabay - यदि आपको इमर्जेंसी के लिए फंड की ज़रूरत है और दूसरा कोई विकल्प नहीं है, तभी म्यूचुअल फंड के युनिट बेचने चाहिए.

Picture: Pixabay - यदि आपको इमर्जेंसी के लिए फंड की ज़रूरत है और दूसरा कोई विकल्प नहीं है, तभी म्यूचुअल फंड के युनिट बेचने चाहिए.

Smart Investor: आज के दौर में हर कोई इनवेस्टर है, लेकिन स्मार्ट इन्वेस्टर (Smart Investor) वही है, जो निवेश के साथ-साथ टैक्स भी बचाए. बहुत सारी ऐसी स्‍कीम्‍स हैं, जिन पर टैक्‍स छूट का लाभ मिलता है.

आज हम आपको इन्‍हीं कुछ योजनाओं की जानकारी देने जा रहे हैं, जिससे टैक्स बचाने के साथ-साथ वेल्थ भी बढ़ा सकते हैं.

टैक्स बचाने और आय बढ़ाने के तरीके ढूंढ़ने चाहिए

ABB & एसोसिएट्स के पार्टनर धवल लिम्बानी बताते हैं,”अगर आपकी आय किसी भी तरह के टैक्स नियम में आती है, तो आपको सरकार को टैक्स चुकाना पड़ेगा. जानकारी नहीं होने से पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग पर असर पड़ता है. आपको टैक्स बचाने और आय बढ़ाने के तरीके ढूंढ़ने चाहिए.”

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं, तो सेक्शन 80CCD के अंतर्गत 50,000 रुपये पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. यानी आप 80C के तहत 1.5 लाख रुपये के निवेश पर छूट पा रहे हैं और NPS में भी निवेश कर लेते हैं, तो 2 लाख रुपये पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस

80D के अंतर्गत आपको हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की कर छूट मिलती है. 60 साल से कम उम्र के माता-पिता के लिए प्रीमियम पर अलग से 25,000 रुपये तक की छूट और अगर माता-पिता सीनियर सीटिजन हैं, तो 50,000 रुपये तक की छूट का दावा कर सकते हैं.

लाइफ इंश्योरेंस

टैक्स बचाने का ये अच्छा साधन है. सेक्शन 80C के तहत लाइफ इंश्योरेंस के लिए चुकाए गए प्रीमियम पर आप कर लाभ मांग सकते है. मैच्योरिटी बेनेफिट या बोनस बेनिफिट वाले प्लान को भी सेक्शन 10(10D) के तहत फुल एग्जेम्पशन दिया गया है.

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS)

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) सिर्फ एक ही म्यूचुअल फंड योजना है, जिसे धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिली है. कुछ टॉप स्कीम ने एक साल में 50% के करीब और 10 साल में 15% के करीब रिटर्न दिया है.

यदि 1 लाख रुपये से ज्यादा रिटर्न मिले, तो उस पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स लगता है, इसके बावजूद ये रिटर्न के लिहाज से अच्छा विकल्प है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर सरकार अभी 7.1% इंटरेस्ट दे रही है. यदि आप सालाना 60,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो 15 साल बाद 15 लाख रुपये तक का फंड बना सकते हैं.

इससे मिलने वाली इंटरेस्ट की इनकम और परिपक्वता पर मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स फ्री है.

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश करके सालाना 7.6% रिटर्न कमा सकते हैं. बेटी के 21 साल की होने पर ये निवेश मैच्योर होगा. इस पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है.

ULIP

युनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) में सालाना 1.5 लाख रुपये तक का प्रीमियम सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन के योग्य है.

यदि आपका सालाना प्रीमियम 2.5 लाख रुपये की सीमा से कम है, तो भी आप सेक्शन 10(10D) के तहत टैक्स-फ्री रिटर्न के हकदार हैं.

दूसरे विकल्पः

डाकघर की 5 वर्षीय टाइम डिपोजिट स्कीम और सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) को धारा 80C के तहत कर-लाभ के दायरे में रखा गया है.

धारा 80TTA के तहत बैंक, कोऑपेरटिव सोसाइटी या पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाली ब्‍याज आय पर अधिकतम 10,000 रुपये के डिडक्शन को मंजूरी है.

इनके अलावा आप टैक्स सेविंग बॉन्ड, टैक्स-सेविंग FD और हाउसिंग लोन पर भी अधिकतम टैक्स बचा सकते हैं.

Published - June 4, 2021, 03:10 IST