रिटायरमेंट प्लान खरीदने की सोच रहे हैं? पहले जान लें ये जरूरी बातें

Retirement Planning: रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर महंगाई का असर पड़ता है. एक दशक बाद आपके मौजूदा निवेश कम पड़ सकते हैं

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बुढ़ापे के लिए शुरू से तैयारी करना बेहद जरूरी होता है. अगर आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग अभी ढीले हैं तो बिना देरी किए अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर लीजिए.
बुढ़ापे के लिए शुरू से तैयारी करना बेहद जरूरी होता है. अगर आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग अभी ढीले हैं तो बिना देरी किए अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर लीजिए.
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करियर के शुरुआती दौर में हम जो पूंजी इकट्ठा करते हैं, वही रिटायरमेंट के बाद हमें राहत की सांस देती है. किसी रिटायरमेंट प्लान में निवेश करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए.
करियर के शुरुआती दौर में हम जो पूंजी इकट्ठा करते हैं, वही रिटायरमेंट के बाद हमें राहत की सांस देती है. किसी रिटायरमेंट प्लान में निवेश करने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए.
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सबसे पहले तो रिटायरमेंट के बाद के अनुमानित खर्चों की गणना करनी चाहिए. इससे आप एक लक्ष्य निर्धारित कर सकेंगे कि कितनी बचत करनी है. इसी के आधार पर आप स्कीम और प्रॉडक्ट्स भी आसानी से चुन सकेंगे.
सबसे पहले तो रिटायरमेंट के बाद के अनुमानित खर्चों की गणना करनी चाहिए. इससे आप एक लक्ष्य निर्धारित कर सकेंगे कि कितनी बचत करनी है. इसी के आधार पर आप स्कीम और प्रॉडक्ट्स भी आसानी से चुन सकेंगे.
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रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर महंगाई का बड़ा असर पड़ता है. आपको ऐसी योजनाएं चुननी चाहिए जो आज से 30-40 साल बाद की जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई हो.
रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर महंगाई का बड़ा असर पड़ता है. आपको ऐसी योजनाएं चुननी चाहिए जो आज से 30-40 साल बाद की जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई हो.
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एक दशक बाद आपके मौजूदा निवेश तब की महंगाई के हिसाब से कम पड़ सकते हैं. इंफ्लेशन का औसत हिसाब लगाकर रिटायरमेंट के बाद की राशि का अनुमान लगाएं और फिर निवेश करें.
एक दशक बाद आपके मौजूदा निवेश तब की महंगाई के हिसाब से कम पड़ सकते हैं. इंफ्लेशन का औसत हिसाब लगाकर रिटायरमेंट के बाद की राशि का अनुमान लगाएं और फिर निवेश करें.
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मार्केट में फिलहाल मौजूद पेंशन प्लान्स पर कई तरह के पेमेंट ऑप्शन मिलते हैं. इसमें एकमुश्त से लेकर रेगुलर पेमेंट जैसे विकल्प हैं. रिटायरमेंट प्लान चुनते समय खासतौर पर ऐसी योजनाएं चुननी चाहिए जो रेगुलर इनकम की गारंटी दें.
मार्केट में फिलहाल मौजूद पेंशन प्लान्स पर कई तरह के पेमेंट ऑप्शन मिलते हैं. इसमें एकमुश्त से लेकर रेगुलर पेमेंट जैसे विकल्प हैं. रिटायरमेंट प्लान चुनते समय खासतौर पर ऐसी योजनाएं चुननी चाहिए जो रेगुलर इनकम की गारंटी दें.
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रिटायरमेंट प्लान क्योंकि लंबी अवधि वाले निवेश होते हैं, इनकी अच्छी से जांच-पड़ताल करने के बाद ही खरीदना चाहिए. आज डिजिटल एग्रीगेटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपने लिए कस्टमाइज्ड प्लान भी तैयार किए जा सकते हैं.
रिटायरमेंट प्लान क्योंकि लंबी अवधि वाले निवेश होते हैं, इनकी अच्छी से जांच-पड़ताल करने के बाद ही खरीदना चाहिए. आज डिजिटल एग्रीगेटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपने लिए कस्टमाइज्ड प्लान भी तैयार किए जा सकते हैं.
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निवेश पर मिलने वाले रिटर्न, उसके फायदे-जोखिम, आदि की पूरी जानकारी लेकर और अन्य योजनाओं से तुलना करने के बाद अपने लिए बेस्ट प्लान चुनना चाहिए. तकनीक की मदद से यह काम चंद मिनटों में किया जा सकता है.
निवेश पर मिलने वाले रिटर्न, उसके फायदे-जोखिम, आदि की पूरी जानकारी लेकर और अन्य योजनाओं से तुलना करने के बाद अपने लिए बेस्ट प्लान चुनना चाहिए. तकनीक की मदद से यह काम चंद मिनटों में किया जा सकता है.
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आप फाइनेंशियल प्लानर की भी मदद ले सकते हैं. वे आपकी जरूरतों के हिसाब से सही प्लान की सलाह देते हैं. कई बार हम समय की कमी या आलस्य के चलते अधिक रिसर्च नहीं करते. वित्तीय सलाहकार यहां बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
आप फाइनेंशियल प्लानर की भी मदद ले सकते हैं. वे आपकी जरूरतों के हिसाब से सही प्लान की सलाह देते हैं. कई बार हम समय की कमी या आलस्य के चलते अधिक रिसर्च नहीं करते. वित्तीय सलाहकार यहां बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
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निवेश करने से पहले दो चीजों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हो जाएं: आपका वित्तीय लक्ष्य क्या है और कितने समय में आप इसे पूरा करना चाहते हैं. एक बार यह तय हो गया तो प्लान चुनें, जोखिम घटाने के लिए पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की कोशिश करें और जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी इन्वेस्ट करना शुरू कर दें.
निवेश करने से पहले दो चीजों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हो जाएं: आपका वित्तीय लक्ष्य क्या है और कितने समय में आप इसे पूरा करना चाहते हैं. एक बार यह तय हो गया तो प्लान चुनें, जोखिम घटाने के लिए पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की कोशिश करें और जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी इन्वेस्ट करना शुरू कर दें.

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