निवेश और संपत्ति पर क्या नॉमिनी का ही अधिकार है?

Nominee: नॉमिनी और उत्तराधिकारी अलग हैं. लेकिन हर निवेश में ऐसा हो ये जरूरी नहीं. बीमा और EPF में नॉमिनी ही उत्तराधिकारी होता है .

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Pixabay, अगर अंशधारक ऑनलाइन नॉमिनेशन कराते हैं तो उन्हें बाद में NOC की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी.

Pixabay, अगर अंशधारक ऑनलाइन नॉमिनेशन कराते हैं तो उन्हें बाद में NOC की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी.

जब भी आप कोई निवेश करते हैं तो उसमें नॉमिनी का नाम देना अनिवार्य होता है. नॉमिनी (Nominee) तय करने का मतलब है कि अगर अकाउंट के प्रमुख होल्डर की मृत्यु हो जाए या वो ऐसी स्थिति में हो कि अकाउंट ऑपरेट नहीं कर पा रहा हो तो उस अकाउंट को चलाने या बंद करने की जिम्मेदारी नॉमिनी की रहेगी.

उस अकाउंट में जमा राशि भी नॉमिनी को मिलेगी. लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि नॉमिनी उस अकाउंट और उसमें जमा राशि का मालिक है. नॉमिनी बस अकाउंट के पैसों का ट्रस्टी यानि रखवाला होता है .

नॉमिनी और कानूनी वारिस हैं अलग-अलग

नॉमिनी की जिम्मेदारी होती है कि अकाउंट या निवेश के पैसे कानूनी वारिसों तक पहुंचाए. निवेश के प्रमुख होल्डर के परिवार वाले लोग ही कानूनी वारिस होंगे. अक्सर लोग अपने परिवार वालों को ही नॉमिनी बनाते हैं लेकिन परिवार का एक ही सदस्य नॉमिनी होता है और वारिस एक से ज्यादा हो सकते हैं.

अगर किसी ने अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाया है तो मृत्यु के बाद उसके निवेश में बच्चों के अलवा उनकी मां का हिस्सा भी होगा. सेबी रजिस्टर्ड फी-ओन्ली (Fee Only) इन्वेस्टमेंट एडवाइजर हर्ष रूंगटा के मुताबिक, “वसीयत होना बेहद जरूरी है ताकि आप उसमें साफ-साफ तय करें कि आपके बाद आपकी संपत्ती का हिस्सा कैसे बंटेगा. कानूनी पेंच और मन मुटाव से आपका परविार बचेगा. वसीयत रहेगी तो नॉमिनी को भी पता होगा कि उस पैसे पर किसका हक है. वसीयत नहीं होने की स्थिति में संपत्ति या निवेश के पैसों का बंटवारा इंडियन सक्सेशन लॉ, हिंदू लॉ और मुस्लिम पर्सनल लॉ के मुताबिक होगा.”

निवेश के पैसे पर किसका अधिकार?

नॉमिनी और उत्तराधिकारी अलग हैं. लेकिन हर निवेश में ऐसा हो जरूरी नहीं. बीमा और एम्पलॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) में नॉमनी ही उत्तराधिकारी होता है .

बैंक खाता और FD

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियम साफ हैं – चाहे FD हो या बैंक अकाउंट का बैलेंस, नॉमिनी सिर्फ ट्रस्टी होता है. प्राइमरी होल्डर की मृत्यु के बाद सारा पैसा नॉमिनी के पास जाएगा लेकिन इन पैसों पर कानूनी अधिकार उत्तराधिकारी का ही होगा.

म्यूचुअल फंड और शेयर्स

म्यूचुअल फंड और शेयर्स के मामले में भी नॉमिनी ट्रस्टी होता है. लिस्टेड शेयर्स के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2015 में साफ कहा था कि नॉमिनेशन के नियम सक्सेशन कानून को ओवर राइड नहीं कर सकते.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

PPF में जमा राशि पर नॉमिनी का अधिकार नहीं है वो बस रखवाला होगा.

इंश्योरेंस पॉलिसी

इंश्योरेंस पॉलिसी में बेनेफिशियल नॉमिनी नियम लागू होता है. इसके तहत बीमा में आप अपने परिवार के सदस्य जैसे कि मां- बाप, पत्नी या बच्चों को नॉमिनी बनाएंगे. ये सदस्य क्लेम के पैसों के हकदार होंगे.

एम्पलॉई प्रोविडेंट फंड (EPF)

बीमा की ही तरह EPF में नॉमिनी को लेकर नियम अलग हैं. EPF खाते में आप अपने परिवार के सदस्य को ही नॉमिनी बना सकते हैं. अगर आपको कुछ हो जाएगा तो सारा पैसा नॉमिनी को ही मिलेगा. वैसे EPF में परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों को नॉमिनेट किया जा सकता है. EPF की रकम उनके बीच बांटने का अनुपात आप तय कर सकते हैं.

Published - May 29, 2021, 01:09 IST