विदेश में हो गए हैं सेटल तो जाने कैसे करें अपने EPF और PPF अकाउंट को मैनेज

EPF और PPF दोनों ही बैंक FD जैसे निवेश विकल्पों की तुलना में हायर इंटरेस्ट रेट प्रदान करते हैं.

PPF, EPF

ईपीएफ सालाना 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देता है, जबकि पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. PC: Pixabay

ईपीएफ सालाना 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देता है, जबकि पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. PC: Pixabay

35 वर्षीय ऋषभ कुमार को दुबई में एक अच्छी नौकरी मिली और अब उन्होंने वहीं बसने का फैसला कर लिया है. दुबई में नौकरी मिलने से पहले वह भारत में कई सालों से नौकरी पेशा कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे, उनकी ओर से हर महीने ईपीएफ (EPF) खाते में पर्याप्त राशि जमा की जा रही थी. इसके अलावा ऋषभ ने एक बैंक में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाता भी खोला था और रिटायरमेंट कार्पस बनाने के लिए हर साल नियमित रूप से निवेश भी करता था.

ऐसे में उनके भारतीय निवासी से एक एनआरआई बनने के बाद उनके ईपीएफ और पीपीएफ खातों का क्या होगा. ऋषभ के जैसे कई लोग हैं, जो भारत में नौकरी करते हुए बाद में विदेश में सेटल हो गए. अगर आप भी विदेश में सेटल होने जा रहे हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह से आप अपने ईपीएफ और पीपीएफ अकाउंट को मैनेज कर सकते हैं.

जानिए क्या होंगे EPF के लिए विकल्प

EPF नियम कार्पस से निपटने के लिए ऋषभ को दो विकल्प देते हैं. पहले विकल्प में वह पूरी जमा राशि निकाल सकता है और विदेश जाने से पहले इसे बंद कर सकता है. जबकि दूसरे विकल्प में वह अपने खाते को चालू रहने दे. क्योंकि कानून यह कहता है कि एक एनआरआई के रूप में भी आप 58 वर्ष की आयु तक अपने EPF खाते पर ब्याज हासिल कर सकते हैं. 58 वर्ष के होने के बाद आप EPF से अपना पैसा निकाल सकते हैं. वैसे अगर किसी व्यक्ति को कुछ वर्षों में भारत वापस आने और काम करने की संभावना है तो खाते को जारी रखना बेहतर विकल्प होगा.

इन्वेस्टमेंट एडवाइजर का यह भी कहना है कि मौजूदा ब्याज दर को देखते हुए ऋषभ के लिए यह समझदारी होगी कि वह अपने अकाउंट को बंद न करवाये. MyWealthGrowth.com के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला के मुताबिक निवेश के नजरिए से भी ईपीएफ का रिटर्न और सेफ्टी ज्यादा है. एनआरआई बनने के बाद भी निवेश जारी रखना अच्छा विकल्प होगा.

क्या होनी चाहिए पीपीएफ के लिए रणनीति

दिसंबर 2019 में सरकार ने नई पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) योजना 2019 को अधिसूचित किया था. नई योजना के अनुसार कोई भी एनआरआई जिसका भारत में निवासी होने पर पीपीएफ खाता खोला गया था, वह अपना खाता जारी रख सकता है और NRI/NRO खातों के माध्यम से एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकता है. अगर आप भारत में टैक्स रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, तो टैक्स कटौती का दावा करें. हालांकि, चालू खाते को 15 साल मैच्‍योर होने तक ही जारी रखा जा सकता है. NRI भारतीयों के लिए कोई एक्सटेंशन की अनुमति नहीं है और मैच्‍योरिटी के बाद कोई ब्याज नहीं मिलेगा.

PPF एनआरआई (NRI) को परिवार में मेडिकल इमरजेंसी जैसी जरूरतों के लिए 5 साल बाद समय से पहले पैसे निकालने की अनुमति देता है. यह विड्रॉल भारत में टैक्स फ्री रहेगा.

चेतनवाला के मुताबिक, साल 2019 के नियम एक NRI को मैच्‍योरिटी तक अपने PPF खाते के साथ जारी रखने की अनुमति देते हैं. खाते में ब्याज भी मिलता रहेगा और यह एनआरआई के लिए टैक्स फ्री भी होगा. हालांकि उन्हें उस देश में टैक्स इम्प्लीकेशन की जांच करने की जरूरत होगी जिसमें वे रह रहे हों.

सरकार के फैसले के मुताबिक ईपीएफ सालाना 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देता है, जबकि पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. चेतनवाला बताते हैं कि मौजूदा कम ब्याज दर को देखते हुए दोनों आकर्षक ब्याज दरें हैं, जबकि बैंक एफडी पर ब्याज दर 5 प्रतिशत से थोड़ी ही ज्‍यादा है.

Published - August 27, 2021, 11:20 IST