फैमिली पेंशन की सीमा में बदलाव, लागू करने के लिए बैंकों ने मांगा समय

Family Pension: अब प्रति परिवार मिलने वाले 9,284 रुपये की सीमा में सरकार ने बदलाव कर दिया है.बैंकों को इस बदलाव की जानकारी जल्द RBI से प्राप्त होगी.

Pension Rules:

किसी कर्मचारी की मौत के मामले में EPF अकाउंट में जमा पैसे पर नॉमिनी क्लेम कर सकता है. किसी भी नॉमिनी या नॉमिनेशन की कमी में कानूनी वारिस भी इस पर क्लेम (Claim) कर सकते हैं.

किसी कर्मचारी की मौत के मामले में EPF अकाउंट में जमा पैसे पर नॉमिनी क्लेम कर सकता है. किसी भी नॉमिनी या नॉमिनेशन की कमी में कानूनी वारिस भी इस पर क्लेम (Claim) कर सकते हैं.

Family Pension: सरकार ने अब फैमिली पेंशन को बढ़ाने का फैसला किया है. अब प्रति परिवार मिलने वाले 9,284 रुपये की सीमा में सरकार ने बदलाव कर दिया है. राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों को इस बदलाव की पूरी जानकारी जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त होगी. पेंशन देनदारियों की गणना अगले 10-15 वर्षों के लिए बीमांकिकों (actuaries) द्वारा की जाती है, तब पूरी राशि एक बार में अलग करनी पड़ती है. इसलिए बैंक अतिरिक्त खर्च को अलग करने के लिए कुछ और समय चाहते हैं.

15 वर्षों के लिए होती है फैमिली पेंशन की गणना

मिंट (mint) की एक रिपोर्ट के मुताबिक आमतौर पर,आगामी पेंशन देनदारियों की गणना लगभग 15 वर्षों के लिए की जाती है, ताकि बाद की तारीख में बैंकों के साथ समस्या होने पर भी, पेंशनभोगियों (pensioners) को अपने भुगतान के बारे में कोई चिंता न हो.

फैमिली पेंशन पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद शुरू होती है. इसके के लिए पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) में दर्ज व्यक्ति को पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाणपत्र बैंक में जमा करना होता है उसके बाद ही फैमिली पेंशन मिलना शुरू होती है.

नियामक की अनुमति जरूरी

मिंट ने इस विषय की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के हवाले से लिखा है कि किश्तों में बढ़ी पेंशन की रकम को देने का एकमात्र तरीका यह है कि बैंक के पास नियामक (regulator) से विशेष अनुमति हो.

जब पेंशन का खर्च बढ़ता है, तो अतिरिक्त मासिक खर्च बहुत महत्वपूर्ण नहीं होता है, लेकिन क्योंकि इसे 10-15 साल की अवधि के लिए अलग रखना पड़ता है, जो कि एक बड़ी राशि होती है, इसलिए नियामक की अनुमति की जरूरत होती है.

अतिरिक्त लेनदेन को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. बैंक फिलहाल इस पूरे मामले को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने में लगे हैं.

ऋणदाताओं ने सरकार से की थी अपील

ऋणदाताओं (Lenders) ने सरकार से पारिवारिक पेंशन की सीमा को हटाने का अनुरोध किया था क्योंकि इससे कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

उदाहरण के लिए 30,000 रुपए की मासिक पेंशन पाने वाली सेवानिवृत कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार के लोग अचानक एक तिहाई से कम आय पर कैसे गुजर बसर कर सकते हैं.

फरवरी में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने एक बयान में कहा था कि इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) ने सिफारिश की है कि बिना किसी सीमा के सभी कर्मचारियों के लिए पारिवारिक पेंशन को 30 फीसद तक बढ़ाया जाए.

उन्होंने तब कहा था कि आईबीए की सिफारिश पर सरकार विचार कर रही है. जिसके बाद पिछले बुधवार को सरकार ने फैमली पेंशन में बढ़ोतरी का एलान किया है.

Published - August 30, 2021, 11:35 IST