कार इंश्योरेंस पॉलिसी में ये नुकसान कवर नहीं होते

कई लोग कार का बीमा तो करवा लेते हैं, लेकिन उसमें क्या शामिल हैं, वह जाने बगैर क्लेम करते हैं, और क्लेम खारिज होने पर नुकसान झेलना पड़ता है.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 21, 2021 / 10:37 AM IST
कार इंश्योरेंस पॉलिसी में ये नुकसान कवर नहीं होते
Pixabay - याद रखें, शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में ड्राइविंग के कारण होने वाली क्षति कवर नहीं होती.

Car Insurance: कम से कम थर्ड-पार्टी मोटर इंश्योरेंस खरीदना जरूरी है इसलिए कई लोग कार का इंश्योरेंस तो खरीदते हैं, लेकिन बाद में जब उनका क्लेम खारिज होता है, तब भारी नुकसान उठाना पड़ता है. यदि आप भी कार का बीमा लेने जा रहे हैं, या पहले से ही आपके पास कार का बीमा है तो आपको जान लेना चाहिए कि आपकी पॉलिसी के तहत बीमा कंपनी कौन से नुकसान की भरपाई करेगी और किस तरह के क्लेम खारिज कर देगी.

कार बीमा पॉलिसी में क्या कवर नहीं होता?

– युद्ध, आतंकी घटना, घुसपैठ, विदेशी सैन्य कार्रवाई, सिविल वार, विद्रोह, अपहरण, रेडियेशन या परमाणु हथियार/वस्तु आदि की चपेट में आने से होने वाले नुकसान पर.

– बिना उचित लाइसेंस के गाड़ी चलाने से हुई क्षति.

– यदि वाहन का उपयोग भौगोलिक क्षेत्र के बाहर अर्थात भारत के बाहर किया जाता है.

– शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में ड्राइविंग के कारण होने वाली क्षति.

– नियमित उपयोग और मूल्यह्रास के कारण सामान्य टूट-फूट.

– वाहन के सामान्य रखरखाव के लिए बीमित लागत.

– चालक की लापरवाही से हुआ नुकसान.

– व्यावसायिक उपयोग के लिए निजी वाहन का उपयोग करना.

– स्पीड रेसिंग, क्रैश टेस्टिंग आदि के कारण हुए नुकसान.

– ऐड-ऑन शामिल नहीं होने पर एक विशिष्ट ऐड-ऑन के तहत कवर किए गए नुकसान.

– टूट-फूट के कारण उपभोग्य सामग्रियों के प्रतिस्थापन के लिए केवल 50% लागत की प्रतिपूर्ति (reimbursement).

– मैकेनिकल / इलेक्ट्रिकल ब्रेकडाउन – आपके वाहन का कोई भी यांत्रिक या विद्युत खराबी पॉलिसी में कवर नहीं रहता है.

– जब तक कि वाहन एक ही समय में क्षतिग्रस्त न हो, उस स्थिति में टायरों और ट्यूबों के
नुकसान में कंपनी की देयता प्रतिस्थापन की लागत के 50% तक सीमित होगी.

– ड्रग्स या शराब के प्रभाव में वाहन चलाने वाले व्यक्ति को/ द्वारा नुकसान

– आपके वाहन के मूल्य में लंबे समय तक उपयोग या मूल्यह्रास (depreciation) के कारण सामान्य टूट-फूट कवर नहीं होते.

– कार आपके नाम पर हैं और उसे कोई अन्य व्यक्ति ड्राइव करते समय नुकसान पहुंचाता हैं, तो बीमा कंपनी आपके दावे को खारिज कर देगी.

– आयल लीक होने की वजह से ईंजन को नुकसान होने पर.

– कार बनाने वाली कंपनी के दिशानिर्देश का उल्लंघन करने पर.

– अगर जानबूझकर एक्सीडेंट किया जाता है और उससे कोई क्षति होती है.

– अगर आप कार किसी दूसरे व्यक्ति को दे देते हैं या बेच देते हैं तो कार खरीदने वाले व्यक्ति को कार की बीमा पॉलिसी अपने नाम पर ट्रांसफर करना है. अगर पॉलिसी आपके नाम से ही है और दुर्घटना में नुकसान किसी अन्य व्यक्ति के कार चलाने की वजह से होता है, तब भी बीमा कवर का लाभ नहीं मिलेगा.

– पॉलिसी अवधि में कार को मोडिफाई किया है या उसमें एक्सेसरीज लगवाया है तो पॉलिसी रिन्यू कराते समय बीमाकर्ता को इसकी जानकारी जरूर दें. ऐसा नहीं करने पर कार बीमा का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि बीमा कंपनी इसका निरीक्षण करने और आवश्यक प्रीमियम वसूलने के बाद ही अतिरिक्त एक्सेसरीज को नई पॉलिसी में शामिल करती है.

– बीमा पॉलिसी खरीदते या रिन्यू कराते समय थोड़े पैसे की बचत के लिए बड़ी संख्या में लोग कार से जुड़ीं महत्वपूर्ण जानकारियां छुपा लेते हैं. इसके अलावा, ज्यादातर कार मालिक फर्जी क्लेम भी करते हैं। ज्यादातर मामलों में इन दोनों वजहों से ही क्लेम खारिज होता है.

– सुरक्षा को देखते हुए आज के दौर में कंप्यूटराइज्ड एप की मदद से कारें डिजाइन हो रही हैं. इसलिए दुर्घटना या किसी अन्य वजह से कार क्षतिग्रस्त होने पर उसे खुद ठीक न कराएं और न ही लोकल मैकेनिक की मदद लें. इससे वारंटी और बीमा प्रभावित होती है. ऐसा करने से बीमा कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं.

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