चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान लेने से पहले पॉलिसी टर्म, महंगाई दर और रिस्क-कैपेसिटी का रखें ध्यान

बच्चों के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में निवेश करने से पहले मां-बाप को अपने लिए इंश्योरेंस खरीदना चाहिए, और जितनी जल्दी हो सके निवेश शुरू करना चाहिए.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 14, 2021 / 03:59 PM IST
चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान लेने से पहले पॉलिसी टर्म, महंगाई दर और रिस्क-कैपेसिटी का रखें ध्यान
Pixabay - बच्चों के लिए निवेश करने से पहले मां-बाप को महंगाई दर को गिनती में शामिल करना चाहिए.

Child Insurance Plan: यदि आप अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान लेना चाहते हैं तो आपको कुछ आम गलतियां करने से बचना होगा. कई मां-बाप अपने बच्चों को अच्छी हायर एजूकेशन देने के इरादे से चाइल्ड इंश्योरेंस या चाइल्ड इन्वेस्टमेंट प्लान में निवेश करते हैं, लेकिन कुछ गलतियों कि वजह से उन्हें कम रिटर्न मिलता है. आज के वक्त में स्कूल की पढ़ाई से लेकर प्रोफेशनल डिग्री तक के लिए बड़े फंड की जरूरत होती है, तो ऐसे में अगर आप 10-15 साल पहले से ही सही प्लानिंग करके चलेंगे तो अच्छा फंड इकट्ठा कर पाएंगे.

ज्यादा जोखिम लेने से बचें

पॉलिसी धारक को ध्यान रखना चाहिए, कि वह कितना जोखिम उठाने के काबिल हैं. जितना ज्यादा रिस्क, उतना ज्यादा रिटर्न – ये बात सही हैं, लेकिन प्लान को समझे बिना आपकी मेहनत का सारा पैसा लगाने से पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता को समझ लेना चाहिए. विशेषज्ञ बताते है कि, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए ही निवेश करना चाहिए और मध्यम स्तर के जोखिम के साथ आगे बढ़ना चाहिए.

महंगाई दर को गिनती में शामिल करें

आपके बच्चों की पढाई के लिए आज से 5 या 10 साल बाद जो खर्च होगा, उसमें महंगाई दर को जोड़ने में ही समझदारी है. मान लीजिए, आज के समय में किसी कोर्स की फीस 10 लाख रुपये है, लेकिन आने वाले 10 या 15 साल के बाद इस 10 लाख की कीमत में सालाना 5 फीसदी की दर से इजाफा होगा तो इस हिसाब से आपके बच्चे की पढ़ाई के समय आपके आज वाले 10 लाख की कीमत 21.07 लाख हो जाएगी. इसलिए मां-बाप को इंफ्लेशन रेट का निवेश के समय खास ध्यान देना चाहिए.

पहले करवाएं अपना इंश्योरेंस

चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान लेने से पहले मां-बाप को अपना इंश्योरेंस लेना चाहिए. यदि आपकी मृत्यु हो जाती है तो इंश्योरेंस से मिलने वाले डेथ बेनेफिट से पूरे परिवार को वित्तीय सहायता मिलेगी. अपना इंश्योरेंस लेने से संकट के वक्त आपके परिवार को काफी मदद मिल जाती है. याद रखें, अपने लिए इंश्योरेंस खरीदने से पूरा परिवार संभल सकता हैं, इसके बाद ही चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में निवेश करना चाहिए.

पॉलिसी टर्म का रखें ध्यान

आपके बच्चे की फ्यूचर की जरूरत और पॉलिसी टर्म की अवधि के साथ ताल मिलाना बेहद जरूरी है. यदि 15 साल के बाद हायर एजूकेशन के लिए फंड इकट्ठा करना है तो 15 साल से कम या ज्यादा वाली पॉलिसी टर्म को चुनने से फायदा नहीं होगा.

निवेश में न करें देरी

निवेश में देरी करना सबसे आम गलती है. आप निवेश करने में जितना लेट करेंगे आपका रिटर्न उतना ही कम हो जाएगा. बच्चे के पैदा होते ही उसके लिए निवेश शुरू करना चाहिए. मान लीजिए, अगर आप बच्चे के बर्थ से ही हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं और आपको 15 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है तो जब तक आपका बच्चा 20 साल का होगा तब तक उसे 1.33 करोड़ रुपये का फंड आसानी से मिलेगा.

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