ये पॉलिसी देती है आपको किफायती प्रीमियम में बेसिक हेल्थ कवरेज, क्या आपको खरीदना चाहिए?

अगर आपकी उम्र 50 साल है और अभी तक आपने हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लिया हैं, तो SBI जनरल के आरोग्य प्लस प्लान के बारे में सोच सकते हैं.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 29, 2021 / 12:02 PM IST
ये पॉलिसी देती है आपको किफायती प्रीमियम में बेसिक हेल्थ कवरेज, क्या आपको खरीदना चाहिए?
SBI जनरल का फिक्स्ड प्रीमियम प्लान पॉलिसी होल्डर को बेसिक हेल्थ कवर देता है.

SBI General’s Arogya Plus Plan: आप किफायती प्रीमियम और समावेशी कवरेज के साथ एक साधारण स्वास्थ्य योजना की तलाश कर रहे हैं तो SBI जनरल के फिक्स्ड प्रीमियम वाले आरोग्य प्लस हेल्थ प्लान को चुन सकते हैं. इसमें किसी भी उम्र की व्यक्ति के लिए प्रीमियम एकसमान रहता है. इस पॉलिसी से HIV/AIDS, मानसिक बीमारियों, जन्मजात बीमारियों और उन्नत रोबोटिक सर्जरी के लिए कवरेज भी मिलता है. आपको किफायती कवरेज मिल सके इसलिए सम इंश्योर्ड को कम रखा गया है.

SBI जनरल के आरोग्य प्लस हेल्थ प्लान से जुड़ी 9 अहम बातें

(1) प्लान का प्रकारः ये एक फैमिली फ्लोटर, जनरल प्लान है. आप अपने लिए या फैमिली के लिए इसे खरीद सकते हैं.

(2) पॉलिसी टर्मः इस प्लान की पॉलिसी टर्म 1, 2 और 3 साल है, इसके बाद आप प्लान रिन्यू करवा सकते हैं. आपको 1, 2 और 3 लाख रुपये का सम इंश्योर्ड मिलता है.

(3) प्रीमियमः 1 लाख रुपये का सम इंश्योर्ड है तो प्रीमियम की अमाउंट 8,900 रुपये, 2 लाख के कवर के लिए 13,350 रुपये और 3 लाख रुपये के कवर के लिए 17,800 रुपये का प्रीमियम है. अगर आप 2 साल या 3 साल का प्रीमियम एक साथ चुकाते हैं तो 7.5% तक का डिस्काउंट भी मिलता है. प्रीमियम की अमाउंट पर सेक्शन 80D के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है.

(4) को-पेमेंट क्लॉजः इसमें को-पेमेंट ऑप्शन नहीं है, यानी हॉस्पिटलाइजेशन का सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनी चुकाती है, आपको कुछ भी पेमेंट नहीं देना पड़ता.

(5) मेडिकल चेकअपः 55 साल तक का व्यक्ति बिना मेडिकल चेक-अप ये पॉलिसी खरीद सकता है, लेकिन मेडिकल हिस्ट्री क्लीन होनी जरूरी है.

(6) मैटरनिटी और दूसरे खर्च का कवरः मैटरनिटी एक्स्पेंस में OPD  तक के चार्ज कवर होते हैं, लेकिन ड्रग या अल्कोहल की लत छुड़वाने के लिए होने वाला उपचार कवर नहीं होता. युद्ध या न्यूक्लियर हमले से होने वाली बीमारी या सर्जरी कवर नहीं होती. इस प्लान में दो से ज्यादा बच्चे को कवर नहीं कर सकते.

(7) वेटिंग पीरियडः कुछ बीमारी के लिए 1 साल से 4 साल का वेटिंग पीरियड है. इसमें रिस्टोर बेनेफिट नहीं मिलता और नो-क्लेम बोनस नहीं मिलता, यानि आप 3 लाख रुपए का कवर लेते हैं तो 10 साल बाद भी वो उतना ही रहेगा.

(8) रूम-रेंट की सीमाः इसमें रूम-रेंट या बीमारी के आधार पर कैपिंग नहीं है, यानि पॉलिसी कैपिंगलेस है. पॉलिसी पसंद न आने पर आप पोर्ट करवा सकते हैं. प्री-हॉस्पिटलाइजेशन पर 60 दिन का और पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन पर 90 दिन का खर्च कवर होता है.

(9) दूसरी कंपनियों के साथ तुलनाः SBI जनरल के प्लान जैसे दूसरे प्लान मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन कुछ प्लान में थोडे़ बहुत फीचर्स मिल जाते हैं. सरकारी बीमा कंपनियों में न्यू इंडिया एश्योरेंस, युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस के पास भी ऐसे प्लान हैं, जबकि निजी सेक्टर में आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस, बजाज आलियांज हेल्थ इंश्योरेंस, भारती एक्सा, केयर हेल्थ, स्टार हेल्थ, रेलिगेयर, अपोलो म्यूनिख, HDFC ERGO जैसी कंपनियों के प्लान हैं, जो फिक्स्ड बेनेफिट ऑफर करते हैं.

क्या करना चाहिए?

उम्र ज्यादा होने से ज्यादा प्रीमियम चुकाना पडे़गा ये डर से आप हेल्थ प्लान नहीं खरीद रहे है तो इस प्लान के बारे में सोच सकते हैं. SBI जनरल के आरोग्य प्लस प्लान में प्रीमियम फिक्स्ड है, यानी उम्र के हिसाब से प्रीमियम बढ़ता नहीं है. आपको कम प्रीमियम पर ज्यादा कवरेज मिलता है. केवल 8,900 रुपये (+18% GST) में पति-पत्नी और दो बच्चों को 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर मिलता है.

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