Car Insurance लेते समय डीलर की बात मानना हो सकता है महंगा सौदा, जानें क्या है कारण

यह पता लगा लेना बहुत जरूरी है कि हम जिस कंपनी से बीमा करवा रहे हैं, उसका नेटवर्क हमारे शहर या आसपास कितना मजबूत है

  • Paurav Joshi
  • Publish Date - September 11, 2021 / 03:05 PM IST
Car Insurance लेते समय डीलर की बात मानना हो सकता है महंगा सौदा, जानें क्या है कारण

Car Insurance: कार की खरीदारी एक अहम फैसला है और सभी खरीदारों के लिए यह उनके जीवन में मील का पत्थर होता है. कई ग्राहक कार खरीदने से पहले पूरी तरह से शोध करते हैं जो सभी जरूरतों पर खरा उतरे साथ ही उसकी लागत भी कम हो. इसके अलावा ग्राहक उन डीलरों का भी पता लगाते हैं, जो उनकी पसंदीदा मॉडल पर फ्रीबीज के साथ अधिकतम छूट भी दे रहा हो. जब बात कार का बीमा कराने की आती है तो ग्राहकों के उत्साह का वही स्तर नहीं होता है और आखिरकार ग्राहक वह बीमा खरीद लेता है जो महंगा होता है और उसकी जरूरतों के अनुरूप भी नहीं होता है.

चुनाव करने से पहले अपने विकल्पों को जानें

भारत में कार बीमा की दो श्रेणियां हैं – Third-party और Comprehensive coverage. कानूनी तौर पर सभी वाहनों के लिए थर्ड पार्टी कवरेज अनिवार्य है, यह केवल किसी भी संपत्ति को नुकसान और तीसरे पक्ष की चोट को कवर करता है. यह बीमित वाहन को कवर नहीं करता है. तो, केवल दूसरे व्यक्ति या वाहन को सुरक्षित करने के लिए इस बीमे का प्रयोग किया जाता है. दूसरी ओर, Comprehensive कवरेज ना सिर्फ थर्ड पार्टी बल्कि वाहन को भी कवर करता है.

बीमा कंपनी की जांच

नई कार को खरीदते समय आप इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं, कि आपकी कार को कौन सी कंपनी बीमा प्रदान कर रही है. डीलर प्रीमियम कम करने के लिए कम Insurance Declared Value का सुझाव दे सकता है, लेकिन इसका सीधा सा मतलब है कि दुर्घटना की स्थिति में आपकी क्लेम सेटलमेंट राशि बहुत कम होगी. इसलिए, बहुत ध्यान से सोचें कि आपके पास कितनी आईडीवी होनी चाहिए.

आप अपनी जरूरतों के अनुसार बीमा चुनें

बाजार में कई तरह की बीमा योजनाएं हैं जो अलग-अलग तरह के लोगों की जरूरतें पूरा करती हैं. लेकिन कोई भी आपकी जरूरतों को नहीं समझेगा, और आपकी स्थिति, आपसे बेहतर, निश्चित रूप से आपके कार डीलर को नहीं पता चलेगी. उदाहरण के लिए, यदि आप अपनी कार को खुले में पार्क कर रहे हैं, तो आपके बीमा को पेंट जॉब को भी कवर करना चाहिए.

ऑनलाइन सर्च करें

कइ बार आप डीलरशिप पर बीमा खरीदते हैं तो उसकी कीमत कहीं अधिक चुकाते हैं. कई मामलों में तो यह 5,000 से लेकर 35,000 रुपये तक ज्यादा होता है, जो कि कार की कीमत के हिसाब से तय होता है.’ उदाहरण के लिए डीलर एक मिड-साइज की सिडान गाड़ी जो 1.6 लीटर इंजनवाली हो, उसके बीमा के लिए 35,000 रुपये तक का शुल्क लेते हैं. हालांकि जब आप ऑनलाइन सर्च करते हैं उसी कार का बीमा आपको करीब 26,000 रुपये में मिल जाएगा.

बीमा कंपनी का नेटवर्क

यह पता लगा लेना बहुत जरूरी है कि हम जिस कंपनी से बीमा करवा रहे हैं, उसका नेटवर्क हमारे शहर या आसपास कितना मजबूत है. जैसे गैराज या सर्विस सेंटर्स से उसका टाइअप आदि.

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