सबसे बड़ा सवाल- कितना हो जीवन बीमा? इन तरीकों से आसानी से चल जाएगा पता

जीवन बीमा का कवर तय करते वक्त म्यूचुअल फंड्स, PPF, EPF जैसे मौजूदा निवेश को भी गिनती में ले और उसे कुल कर्ज से घटा कर कवर तय करें.

  • Vijay Parmar
  • Publish Date - October 22, 2021 / 01:53 PM IST
सबसे बड़ा सवाल- कितना हो जीवन बीमा? इन तरीकों से आसानी से चल जाएगा पता
Pixabay - कवर की गिनती करते समय महंगाई दर के साथ-साथ परिवार की दूसरी जरूरतों का भी ध्यान रखें.

Coverage in Life Insurance: किसी कारणवश परिवार में इनकम वाले सदस्य की मौत हो जाती है तो परिवार बड़ी आफत में फंस सकता है. इसलिए, जीवन बीमा लेना महत्वपूर्ण है – जो आपकी गैर-मौजूदगी में परिवार की आर्थिक जरूरतों का ख्याल रखेगा. लेकिन सबसे बडी उलझन ये है कि कितने का टर्म इंश्योरेंस लेना काफी है? कितना हो जीवन का बीमा? इसका पता लगाते वक्त ध्यान रखें की कर्ज या जिम्मेदारियां बढ़ने पर आपको अपना इंश्योरेंस कवर भी बढ़ाना होगा. कवर की गिनती करते समय महंगाई दर के साथ साथ परिवार की दूसरी जरूरतों का भी ध्यान रखें.

जीवन का बीमा कितने का करवाएं? इन तरीकों से लगाएं पता.

(1) इनकम रिप्लेसमेंट मेथड

जीवन बीमा कवर की रकम तय करने का सबसे आसान तरीका है अपनी सालाना आय का 10-15 फीसदी कवर लेना. इससे आपके परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए 10 साल तक का समय मिल जाता है. यदि आपकी सालाना आय 10 लाख रुपये है तो आपको कम से कम 1 करोड़ रुपये का जीवन बीमा लेना चाहिए. 1 करोड़ रुपये की रकम पर अगर 7% भी रिटर्न मिले तो आपके परिवार को हर साल 7 लाख रुपये मिल सकेंगे.

(2) जरूरत का आकलन करें

इस तरीके में आप भविष्य के खर्चों, कर्ज और जिम्मेदारियों का आकलन करते हैं. मान लीजिए हर महीने आपके 50,000 रुपये खर्च होते हैं – यानि सालाना 6 लाख रुपये. अचानक मौत होने पर आपके परिवार के पास इतनी धनराशि होनी चाहिए कि वे 10-15 साल तक इन खर्चों को वहन कर सकें. सम इंश्योर्ड तय करते वक्त महंगाई को भी जरूर जोड़ें. कुल मिलाकर ये कि 6 लाख का 15 गुना यानि 90 लाख रुपये का कवर ले सकते हैं.

(3) कर्ज का आकलन करें

अगर आप पर कोई लोन चल रहा है तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस बकाया रकम को चुकाने में आपके परिवार को मदद करेंगे. यूं कहें कि आपके पास 60 लाख रुपये का होम लोन है. अचानक परिवार को छोड़ जाने पर आपके टर्म इंश्योरेंस से इस होम लोन की राशि भी अदा करने में मदद मिलनी चाहिए ताकि ये आपके परिवार के लिए भारी ना पड़े.

(4) रिटायरमेंट का खर्च भी ध्यान में रखें

आपको अपने पार्टनर के रिटायरमेंट की भी फिक्र रह सकती है. आपके जाने के बाद आपके पार्टनर को नियमित खर्च के लिए किसी और सहारे की जरूरत ना पड़े इसका भी इंतजाम इंश्योरेंस के जरिए कर सकते हैं. ऐसे में आप उनके लिए अपने इंश्योरेंस में 50 लाख का अतिरिक्त इंश्योरेंस कवर ले सकते हैं.

(5) बच्चों की पढ़ाई के खर्च को जोडे़ं

आपको ये कैलकुलेशन करना होगा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए भविष्य में कितनी रकम की जरूरत होगी. अगर आप बच्चों को विदेश में पढ़ाना चाहते हैं तो 1 करोड़ रुपये तक का आकलन कर सकते हैं.

 

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