DICGC ने 21 सहकारी बैंकों से मांगी खाताधारकों की लिस्ट, मिलेगा 5 लाख तक का इंश्‍योरेंस

पीएमसी बैंक समेत फेल हो चुके 21 सहकारी बैंकों के डिपॉजिटर्स को अब डीआईसीजीसी से 5 लाख रुपए तक का डिपॉजिट इंश्‍योरेंस कवर दिया जाएगा.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 22, 2021 / 05:25 PM IST
DICGC ने 21 सहकारी बैंकों से मांगी खाताधारकों की लिस्ट, मिलेगा 5 लाख तक का इंश्‍योरेंस
बैंकों से कहा गया है कि वे 15 अक्टूबर तक नए क्‍लेम सामने रखें और प्रिंसीपल अमाउंट एवं इंट्रस्‍ट सहित 29 नवंबर, 2021 तक की स्थिति को अपडेट करें.

बैंकिंग सेक्‍टर बड़ी खबर सामने आ रही है. पीएमसी बैंक समेत फेल हो चुके 21 सहकारी बैंकों के डिपॉजिटर्स को अब डिपॉजिट इंश्‍योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी डीआईसीजीसी से 5 लाख रुपए तक का डिपॉजिट इंश्‍योरेंस कवर दिया जाएगा. कपोल सहकारी बैंक, रुपया सहकारी बैंक और कई अन्य सहकारी बैंकों को 45 दिनों के भीतर डिपॉजिटर्स के क्‍लेम जमा करने को कहा गया है. पिछले महीने संसद ने जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित किया. इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि खाताधारकों को आरबीआई द्वारा बैंकों पर मोरटोरियम लागू करने के 90 दिनों के भीतर 5 लाख रुपये तक मिलते हैं.

45 दिनों में जमा कराएं क्‍लेम

DICGC (संशोधन) अधिनियम, 2021 DICGC अधिनियम, 1961 के तहत बीमित बैंकों के लिए 1 सितंबर, 2021 से लागू हुआ. संशोधन के अनुसार, DICGC बीमाधारक बैंकों के डिपॉजिटर्स को 90 दिनों के भीतर 5 लाख रुपए तक का भुगतान करेगा.

डीआईसीजीसी ने एक बयान में कहा कि इन बैंकों को डिपॉजिट इंश्‍योरेंस क्‍लेम करने के लिए डिपोजिटर से मिले आवेदनों को 45 दिनों के भीतर जमा करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. बैंकों द्वारा दी जाने वाली लिस्‍ट का सत्यापन और निपटान अगले 45 दिनों के भीतर डीआईसीजीसी द्वारा किया जाएगा.

डीआईसीजीसी का निर्देश

बैंकों से कहा गया है कि वे 15 अक्टूबर तक नए क्‍लेम सामने रखें और प्रिंसीपल अमाउंट एवं इंट्रस्‍ट सहित 29 नवंबर, 2021 तक की स्थिति को अपडेट करें.

डीआईसीजीसी ने डिपॉजिटर्स को सलाह देते हुए कहा कि जमाकर्ता उक्त बैंकों से संपर्क कर सकते हैं और क्‍लेम की घोषणा प्रस्तुत कर सकते हैं और बैंक द्वारा आवश्यक होने पर किसी अन्य दस्तावेज/सूचना को भी अपडेट कर सकते हैं, ताकि उनके दावों को बैंक द्वारा 15 अक्टूबर तक सूची में शामिल किया जा सके.

किन बैंकों के ग्राहकों को फायदा

इससे पीएमसी बैंक के अलावा श्री गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक, रुपया सहकारी बैंक, स्वतंत्रता सहकारी बैंक, अदूर सहकारी शहरी बैंक, बीदर महिला शहरी सहकारी बैंक और पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक के खाताधारकों को भी फायदा होगा.

इन 21 बैंकों में 11 महाराष्ट्र के हैं, पांच कर्नाटक से हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, केरल और राजस्थान से एक-एक बैंक हैं. सितंबर 2019 में RBI ने PMC बैंक के बोर्ड को हटा दिया और वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद विभिन्न नियामक प्रतिबंध लगा दिए, जबकि पिछले साल जनवरी में श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक पर प्रतिबंध लगाए गए थे.

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