COVID-19: तीसरी लहर का खतरा, राज्यों की कितनी तैयारी?

COVID-19 Third Wave: IIT दिल्ली ने उच्च न्यायलय में सौंपी एक रिपोर्ट में दिल्ली में तीसरी लहर की सबसे खराब परिस्थिति के दौरान रोजाना 45,000 मरीज मिलने की आशंका जताई है.

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PTI

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भारत में पिछले 45 दिनों में सबसे कम कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं. दूसरी लहर धीरे-धीरे खत्म होने की संभावना जताई जा रही है लेकिन इस बीच अब तीसरी लहर (COVID-19 Third Wave) को लेकर तैयारी शुरू हो गई है. दूसरी लहर में रोजाना पाए जाने वाले संक्रमितों की संख्या 4 लाख को भी पार कर गई थी जिससे देश के हेल्थ इंफ्रा पर अप्रत्याशित दबाव दिखा.

देशभर में रिकवरी रेट 91 फीसदी के करीब पहुंचने से बस थोड़ा दूर है. लेकिन इस बीच भी, मृत्यु दर बढ़ी है.

ग्लोबल आंकड़ों को देखें तो यहां भी तीसरी लहर की आशंका बन रही है. युनाइटेड किंग्डम में नए मरीजों की संख्या दो महीनों की ऊंचाई पर आ गई है. पिछले हफ्ते के मुकाबले यहां संक्रमण में 24 फीसदी की बढ़त आई है. शुक्रवार को यूके में 4,182 नए मरीज मिले जो 1 अप्रैल के बाद का सर्वाधिक आंकड़ा है.

कई राज्यों में अब कोरोना मामलों में गिरावट आई है और ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. इसके मद्देनजर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर फैसले लिए जा रहे हैं.

लेकिन, अनलॉक के साथ ही तीसरी लहर के लिए भी राज्य कमर कस रहे हैं.

Third Wave: दिल्ली में रोजाना 45,000 मामलों की आशंका

IIT दिल्ली ने उच्च न्यायलय में सौंपी एक रिपोर्ट में दिल्ली में तीसरी लहर (Third Wave) की सबसे खराब परिस्थिति के दौरान रोजाना 45,000 मरीज मिलने की आशंका जताई है. साथ ही, रिपोर्ट के मुताबिक इन मरीजों में से रोजाना 9,000 को अस्पताल में भर्ती करने की तैयारी भी करनी चाहिए. रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी को रोजाना 944 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है.

गौरतलब है कि, दिल्ली सरकार ने इसी हफ्ते गुरुवार को 13 सदस्यों वाली कमिटी का गठन किया है जो तीसरी लहर के लिए एक्शन प्लान तैयार करेगी. ये कमिटी दवाओं के सप्लाई, ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों की सुविधाओं की समीक्षा करेगी. इसके अलावा, बच्चों पर फोकस करते हुए 8 सदस्यों वाली एक और कमिटी का गठन किया गया है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि शहर की सरकार को केंद्र से 10 जून के बाद में 18-44 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 रोधी 5.5 लाख टीके मिलेंगे. उनका कहना है कि दिल्ली को 18-44 आयु वर्ग में 92 लाख लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लगाने के लिए 1.84 करोड़ खुराकों की आवश्यकता है.

हरियाणा में ऑक्सीजन प्लांट पर काम

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही राज्य के सभी 132 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर्स और जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे ताकि इसकी सप्लाई में कोई दिक्कत ना हो. उन्होंने गुड़गांव के 3 सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया है जो मारुति सुजुकी के साथ मिलकर बनाए जा रहे हैं.

कर्नाटक में बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस

कर्नाटक ने हेल्थ डायरेक्टर ओम प्रकाश पाटिल ने 17 एक्सपर्ट्स और पिडियाट्रिक्स अकैडेमी के सदस्यों के साथ बैठक की है. इस बैठक में इस बात पर चर्चा हुई है कि बच्चों की देखभाल के लिए मेडिकल स्टाफ कितने प्रशिक्षित हैं और उनकी संख्या कितनी है. इसके साथ ही, इस बात पर भी चर्चा हुई है कि बच्चों का होम आइसोलेशन बिना माता-पिता की देखभाल के मुश्किल होगा. पाटिल ने कहा है कि राज्य जल्द ही इसपर गाइडलाइंस जारी करेगा.

गुजरात की क्या है तैयारी

दूसरी लहर में काफी ज्यादा प्रभावित अहमदाबाद में ऑक्सीजन बेड बढ़ाने पर काम किया जा रहा है. अहमदाबाद तकरीबन 21,000 बेड तैयार करने पर काम कर रहा है जिसमें से 17,000 को ऑक्सीजन बेड बनाया जाएगा. इसके लिए बैंक्वेट हॉल की भी मदद ली जा रही है. वहीं, ऑक्सीजन की डिमांड भी बढ़ने की आशंका को देखते हुए 70 लीटर वाले 3,800 ऑक्सीजन सिलेंडर का अधिग्रहण करने की तैयारी है.

अन्य राज्य भी तैयारी में जुटे

उत्तर प्रदेश राज्य में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शेल्टर होम की जांच की है और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में बैठक की है जिससे कोविड से संक्रमित या इससे प्रभावित बच्चों के मदद और पुनर्वास पर काम किया जा सके.

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश ने भी एक्सपर्ट कमिटी का गठन किया है और महाराष्ट्र सरकार भी बच्चों में कोविड होने की स्थिति के लिए तैयारी कर रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीकों के उत्पादन पर जानकारी देते हुए कहा है कि भारत सरकार, कोविड-19 के लिए टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के माध्यम से देश में टीके उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है जिसमें फाइजर, मॉडर्ना जैसे निर्माता शामिल हैं.

Published - May 29, 2021, 03:47 IST