Ready To Eat Food की बिक्री में तेजी से उछाल, जानिए क्या है वजह?

Ready To Eat Food: पिछले साल ट्रेड और कंज्यूमर अनिश्चितता की चपेट में थे लेकिन इस बार रिकवरी तेज हुई. इस बार पिछली बार की तरह की अनिश्चितता नहीं थी.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 11, 2021 / 04:53 PM IST
Ready To Eat Food की बिक्री में तेजी से उछाल, जानिए क्या है वजह?
IMAGE: PIXABAY, इस बार ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है. कोविड प्रोटोकॉल के बारे में सामान्य जागरूकता बढ़ी है. ट्रेड और कंज्यूमर सेंटीमेंट पॉजिटिव है.

Ready To Eat Food: अगस्त के बाद से घरों के बाहर पैकेज्ड फूड (packaged food outside homes) की खपत (Consumption) में तेजी से उछाल आया है. इसकी वजह कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद ऑफिसों, होटलों और रेस्तरां के फिर से खुलने और ट्रैवल और सोशल इवेंट में बढ़ोतरी है. दूसरी लहर के बाद रिकवरी पहले की तुलना में तेज रही है. इकोनॉमिक टाइम्स (ET) ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है.

2019 के अगस्त महीने की तुलना में बिक्री 10-30% बढ़ी

कंपनियों के मुताबिक नमकीन स्नैक्स, आइसक्रीम और अन्य रेडी-टू-ईट उत्पादों के कंज्यूमर पैक की बिक्री अगस्त 2019 की तुलना में अगस्त 2021 में 10-30% बढ़ी.

वहीं होटल, रेस्तरां और कैटरर्स (HoReCa) को संस्थागत बिक्री (institutional sales) पूर्व-कोविड लेवल के लगभग 80% तक पहुंच गई. मार्केटर्स को विश्वास है कि इस महीने यह 100% के लेवल पर लौट आएगी.

देश भर में 7.5 मिलियन खुदरा स्टोरों की बिक्री को ट्रैक करने वाले बाइज़ोम (Bizom) के अनुसार, जुलाई से अगस्त में रेडी-टू-ईट उत्पादों की बिक्री में 9.1% की वृद्धि हुई. रेडी-टू-कुक में 6.7% की वृद्धि हुई, जो आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन में अधिक वृद्धि का संकेत देता है.

दूसरी लहर के बाद तेज रिकवरी

मोबीसी टेक्नोलॉजीज के ग्रोथ एंड इनसाइट्स चीफ अक्षय डिसूजा ने कहा, ‘कोविड की लहरों के दौरान लोग घर के अंदर रहे जिसके कारण रेडी-टू-कुक सेगमेंट का योगदान 4% बढ़ा. हालांकि, जैसे-जैसे मोबिलिटी और ट्रैवलिंग बढ़ रही है, हम रेडी-टू-ईट उत्पादों की बिक्री में वृद्धि देख रहे हैं.

आने वाले समय में, हम देख सकते हैं कि त्योहारों की खपत के कारण ऐसे उत्पादों के योगदान में बढ़ोतरी होगी.’

बिक्री बढ़ने का क्या है कारण?

पिछले साल की पहली लहर के लगभग छह महीने बाद, HoReCa सेगमेंट में आइसक्रीम, स्नैक्स और खाद्य उत्पादों की बिक्री जनवरी में बढ़ने लगी, लेकिन दूसरी लहर के लॉकडाउन के कारण मार्च के अंत में कम हो गई.

ITC के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संदीप सुले ने कहा, ‘पिछले साल ट्रेड और कंज्यूमर दोनों अनिश्चितता की चपेट में थे लेकिन इस बार रिकवरी तेज हुई क्योंकि इस बार पिछली बार की तरह की अनिश्चितता नहीं थी.’

सुले ने कहा, ‘इस बार ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है. कोविड प्रोटोकॉल के बारे में सामान्य जागरूकता बढ़ी है. ट्रेड और कंज्यूमर सेंटीमेंट पॉजिटिव है.’

अमूल आइसक्रीम की बिक्री में 30% से अधिक की वृद्धि

ITC पैकेज्ड स्नैक्स की बिक्री पूर्व-कोविड स्तरों की तुलना में 12-15% बढ़ी है. पारले उत्पादों की बिक्री में 10-12% की वृद्धि हुई है.

भारत के सबसे बड़े डेयरी उत्पाद ब्रांड अमूल ने अगस्त 2021 में 2019 के इसी महीने की तुलना में आइसक्रीम की बिक्री में 30% से अधिक की वृद्धि देखी है.

फूड सर्विस सेगमेंट के लिए अदानी की बिक्री में लगभग 40% की वृद्धि हुई है. पूर्व-कोविड स्तरों की तुलना में चिप्स, पश्चिमी स्नैक्स और चॉकलेट की बिक्री भी बढ़ी है.

भारत के सबसे बड़े बिस्किट निर्माता पारले प्रोडक्ट्स के सीनियर कैटेगरी हेड कृष्णराव बुद्ध ने कहा कि कोविड के बाद से अब बहुत अधिक लोग बाहर निकल रहे हैं, और दुकानें भी पूरी तरह से खुल गई हैं.

HoReCa सेगमेंट में 60% तक की रिकवरी

थोक व्यापारी मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया ने कहा कि पूर्व-कोविड स्तरों से HoReCa सेगमेंट में 60% तक की रिकवरी हुई है.

फॉर्च्यून और आधार ब्रांड के मालिक अदानी विल्मर के चीफ एग्जीक्यूटिव अंगशु मलिक ने कहा, ‘हमारे लिए, बासमती चावल रेस्तरां से डिमांड का एक ट्रू इंडिकेटर है.

जुलाई से चावल की डिमांड हर महीने बढ़ रही है और सितंबर में इसमें सबसे अधिक वृद्धि हुई है. खाद्य तेल और भी तेजी से बढ़ा है. इसका सीधा मतलब है कि इस सेगमेंट में चीजें लगभग सामान्य है.

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