छात्रों और पेरेंट्स को बड़ी राहत, सरकार ने रद्द की CBSE की 12वीं की परीक्षा

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एक रिव्यू मीटिंग हुई. इस मीटिंग में CBSE की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है.

छात्रों और पेरेंट्स को बड़ी राहत, सरकार ने रद्द की CBSE की 12वीं की परीक्षा
करीब पांच साल पहले यूपी विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 मई, 2016 को बलिया जिले में इस योजना के पहले संस्करण को लॉन्च किया था.

कोविड की दूसरी लहर से मची तबाही, तीसरी लहर के खतरे और अगली लहर के बच्चों के लिए घातक होने की आशंकाओं के चलते CBSE की 12वीं परीक्षा को लेकर छात्रों और पेरेंट्स में गुजरे कुछ वक्त से लगातार बेचैनी बनी हुई थी.
अलग-अलग तबकों और राजनीतिक पार्टियों की ओर से भी ये मांग आ रही थी कि सरकार को इस पर फैसला करते हुए इन परीक्षाओं को रद्द किया जाना चाहिए.
इसे देखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एक रिव्यू मीटिंग हुई. इस मीटिंग में CBSE की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है.

पीएम मोदी ने कहा है कि छात्रों, पेरेंट्स और शिक्षकों की बेचैनी को खत्म करना जरूरी है. पीएम ने कहा है कि छात्रों को तनावपूर्ण माहौल में परीक्षाएं देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.

 

सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों को छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए.

बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने CBSE की क्लास 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता मंगलवार को की.
इस बैठक में अधिकारियों ने पीएम के समक्ष एक विस्तृत प्रेजेंटेशन रखा. इसमें सभी संबंधित पक्षों से की गई राय-मशविरे को शामिल किया गया था. इस संबंध में राज्य सरकारों से भी चर्चा की गई थी.

इस बैठक के बाद फैसला किया गया है कि मौजूदा असाधारण हालात को देखते हुए इस साल CBSE की 12 वीं की परीक्षाएं न कराई जाएं.

ये भी फैसला लिया गया है कि CBSE एक समयसीमा के भीतर पहले से तय मानकों के आधार पर 12वीं के छात्रों के रिजल्ट तैयार करेगा.
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा है कि छात्रों के हितों को देखते हुए CBSE की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है.

पर्सनल फाइनेंस पर ताजा अपडेट के लिए करें।