देश का चालू खाते का घाटा (CAD – करंट अकाउंट डेफिसिट) दिसंबर तिमाही में कम होकर 1.7 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 0.2 प्रतिशत रहा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बुधवार को जारी आंकड़े के अनुसार एक साल पहले दिसंबर तिमाही में चालू खाते का घाटा (CAD) 2.6 अरब डॉलर यानी GDP का 0.4 प्रतिशत था.
आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष में पिछली दो तिमाहियों में चालू खाते में अधिशेष की स्थिति रही. यह अधिशेष क्रमश: 15.1 अरब डॉलर और 19 अरब डॉलर रहा.
चालू खाते का घाटा (CAD) वैश्विक बाजारों के साथ लेन-देन के व्यववहर में देश की स्थिति को मामने का महत्वपूर्ण पैमाना है.
चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में इसमें 1.7 प्रतिशत अधिशेष की स्थिति रही जबकि एक साल पहले 2019-20 में इसमें 1.2 प्रतिशत का घाटा था.
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार दिसंबर तिमाही में वस्तु व्यापार घाटा (Trade Deficit) बढ़कर 34.5 अरब डॉलर पहुंच गया जो इससे पूर्व तिमाही में 14.8 अरब डॉलर था. इसके अलावा शुद्ध निवेश आय के भुगतान में भी वृद्धि हुई.
पर्सनल फाइनेंस पर ताजा अपडेट के लिए Money9 App डाउनलोड करें।