बिहार के दो स्‍टूडेंट कुछ देर के लिए बने अरबपति, जानिए कैसे अकाउंट में आए 906 करोड़ रुपये

सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के चलते बिहार के दो स्कूली बच्चों के बैंक खातों में आए 960 करोड़ रुपये. पस्तिया गांव के उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक का है मामला.

  • Money9 Hindi
  • Publish Date - September 19, 2021 / 12:26 PM IST
बिहार के दो स्‍टूडेंट कुछ देर के लिए बने अरबपति, जानिए कैसे अकाउंट में आए 906 करोड़ रुपये
सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के चलते बिहार के दो स्कूली बच्चों के बैंक खातों में आए 960 करोड़ रुपये

बिहार के कटिहार जिले में चंद मिनटों के लिए दो बच्चे गुरुचंद्र विश्वास और असित कुमार बैंकिंग गड़बड़ी की वजह से अरबपति बन गए. आजमनगर ब्लॉक के पस्तिया गांव के 6 क्लास के दो स्टूडेंट एसबीआई के सीएसपी सेंटर में पैसे विड्रॉ करने गए थे. इस दौरान गुरुचरण विश्वास नाम के एक छात्र में अकाउंट में 905 करोड़ रुपये और असित कुमार के अकाउंट में 6 करोड़ रुपये से अधिक मिले. इन दोनों छात्रों का अकाउंट उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भेलागंज ब्रांच का है.

नहीं पता कहां से आए इतने पैसे

गुरुचरण विश्वास ने कहा, ‘मुझे स्कूल यूनिफॉर्म और उससे जुड़ी चीजें खरीदनी थीं, इसलिए मैं अपना आधार कार्ड बैंक ले गया और अपने अकाउंट का बैलेंस चेक किया. मेरे खाते में 905 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखा.’ वहीं असित कुमार ने कहा, ‘मैं अपना बैलेंस चेक करने गया तो अपने खाते में इतनी बड़ी राशि देखी मुझे नहीं पता, यह कैसे हुआ. मैंने घर जाकर अपनी मां को इस बारे में बताया.’ वहीं बैंक अकाउंट में इतने पैसों की जानकारी सामने आते ही बैंक मैनेजर मनोज गुप्ता घबरा गए. उन्होंने इसकी सूचना अपने सीनियर को दी.

क्या कहा कटिहार के डीएम ने

कटिहार के डीएम उदयन मिश्रा ने बताया कि बच्चों के बैंक खाते में दिखाई देने वाली अतिरिक्त राशि एक सॉफ्टवेयर की गलती के कारण थी. उनके खातों में कोई बड़ी राशि जमा नहीं की गई थी. गड़बड़ी का पता चलने पर उसे तत्काल सुधारा गया. एक पैसा भी नहीं निकाला गया है. एक खबर के मुताबिक डीएम उदयन मिश्रा ने कहा, ‘जब हमें पता चला कि इन बच्चों के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर हो गए हैं, तो हमने बैंक के शाखा प्रबंधक से संपर्क किया. पटना की मुख्य शाखा में सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण ये गड़बड़ी हुई थी. मुझे बताया गया है कि इस मुद्दे को हल कर लिया गया है.’

बिहार ग्रामीण बैंक के जिला समन्वयक बोले

उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के जिला समन्वयक सनत कुमार ने भी इस घटना के लिए तकनीकी खराबी के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘हमने मामले की गहनता से जांच की है. असित कुमार के खाते में 100 रुपये थे जबकि गुरुचरण विश्वास के पास 128 रुपये थे. हमारी भेलागंज शाखा में किसी के खाते में 960 करोड़ रुपये जमा होने का कोई मामला नहीं है.’

 

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