महिलाओं इस तरह से कर सकती हैं फाइनेंशियल प्‍लानिंग, जानिए पूरी डिटेल

ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए. क्योंकि ज्यादातर फाइनेंशियल योजनाएं लचीली और किसी भी जीवन घटना के आधार पर परिवर्तन करने में सक्षम होती हैं.

महिलाओं इस तरह से कर सकती हैं फाइनेंशियल प्‍लानिंग, जानिए पूरी डिटेल
आपको उतना अधिक फायदा होगा. किसी एक ही निवेश उत्पाद, जैसे शेयर, पर पूरा पैसा लगाने से बचें. अपने पोर्टफोलियो का व्यापक बनाएं

फाइनेंशियल प्लानिंग (financial planning) एक ऐसी रणनीति है, जिसके द्वारा अपने वर्तमान और भविष्य के फाइनेंशियल लक्ष्यों को पूरा किया जा सकता है. फाइनेंशियल प्लानिंग (financial planning) में बहुत से पहलुओं को शामिल किया जाता है. जैसे कि कैश फ्लो (इनकम एंड एक्सपेंसेस), ऑप्टिमिज़िंग सेविंग्स, एसेट एलोकेशन की जांच, निवेश पोर्टफोलियो और बीमा कवर की समीक्षा करने को इसमें शामिल किया जाता है. पैसा कमाने वाले सभी व्यक्तियों को अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग (financial planning) करनी चाहिए. महिलाएं प्राकृतिक रूप से पुरुषों से बेहतर सेविंग और फाइनेंशियल प्लानिंग (financial planning) करना जानती हैं.

क्योंकि वे योजना बनाती हैं और मासिक घरेलू बजट को सर्वोत्तम संभव तरीके से निष्पादित करती हैं. उनका सेविंग्स और फाइनेंशियल प्रबंधन के प्रति दृष्टिकोण भी बहुत अनुशासित होता है. इसलिए, फाइनेंशियल प्लानिंग पर काम करना एक महिला के लिए बहुत आसान काम होता है.

फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए एक प्लेटफार्म क्रिएट करना चाहिए

शुरुआत करने के लिए आप यह मूल्यांकन कर सकते हैं, कि आपकी हर महीने कितनी बचत करने की क्षमता है. इसके लिए आप पिछले तीन से छह महीनों के लिए अपनी इनकम और एक्सपेंसेस को बारीकी से देख सकते हैं. साथ ही, यह जांचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आपका पैसा कहां बचा है. अगले चरण के रूप में, आप इसके साथ अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों का मूल्यांकन कर सकते हैं. इनमें से प्रत्येक लक्ष्य के लिए आपको आवश्यक समय रेखा और राशि तय करनी होगी. इसके बाद अगले चरण के रूप में फाइनेंशियल प्लानिंग के प्रयासों के साथ शुरू करने के लिए एक प्लेटफार्म क्रिएट करना होगा. जिसमें मासिक अधिशेष की सहायता से आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए एक सही निवेश रणनीति तैयार करनी होगी.

जल्दी शुरुआत करें

जल्दी शुरुआत करना हमेशा आपके काम आएगा क्योंकि यह आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों लिए अधिक समय दे सकता है. जिससे सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट में वृद्धि होगी. फाइनेंशियल प्लानिंग और प्रारंभिक चरण में एक अच्छी तरह से योजना तैयार की जानी चाहिए. इसके अलावा जीवन में भविष्य में होने वाले परिवर्तनों के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए. क्योंकि ज्यादातर फाइनेंशियल योजनाएं लचीली और किसी भी जीवन घटना के आधार पर परिवर्तन करने में सक्षम होती हैं.

यहां तक ​​​​कि निवेश के नजरिए से भी जल्दी शुरुआत करना आपके पक्ष में काम कर सकता है. आइए एक उदाहरण देखते हैं जहां एक महिला 45 साल की उम्र तक 50 लाख रुपये का कोष बनाना चाहती है. अगर वह 30 साल की उम्र से निवेश करना शुरू करती है, तो उसे इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आने वाले 15 वर्षों तक हर महीने 12,500 रुपये निवेश करने होंगे. वहीं अगर वह 35 या 40 साल की उम्र में निवेश करना शुरू करती है, तो उसे हर महीने क्रमशः 25,000 रुपये या 65,000 रुपये निवेश करने होंगे.

अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर काम करते समय इन गलतियों को करने से बचना चाहिए

– कंज़र्वेटिव होने की कोशिश करें और योजना बनाते समय आक्रामक दृष्टिकोण का पालन करने से बचें
– इक्विटी और रियल एस्टेट एसेट्स इंवेस्टमेंट्स के मामले में बहुत अधिक रिटर्न की उम्मीद करने से बचें
– बैंक खाते में आवश्यक राशि से अधिक जमा न करें या फिक्स न करें
– फाइनेंशियल और निवेश योजना के क्रियान्वयन में देरी न करें

विभिन्न चरणों में महिलाओं के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग पर कुछ महत्वपूर्ण कदम

– अपने कैश फ्लो ( इनकम और व्यय) की समीक्षा करें, कुछ और गुंजाइश हो सकती है, इस स्तर पर बचत और निवेश करने का प्रयास करें
– कई महिलाएं अपनी शादी का खर्च स्वतंत्र रूप से उठाना पसंद करती हैं, ऐसे उद्देश्यों के लिए शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड या इंस्ट्रूमेंट में निवेश करना बेहतर होता है
– यदि आपका लक्ष्य लंबे समय में वेल्थ क्रिएट करना है, तो ऐसे निवेश विकल्पों की तलाश करें जो लंबी अवधि के हों
– कामकाजी अविवाहित महिलाओं को भी जीवन बीमा लेने पर विचार करना चाहिए

विवाहित महिलाएं

– सक्रिय रूप से भाग लें और परिवार के कैश फ्लो का निरीक्षण करें
– अपने जीवनसाथी के साथ विभिन्न फाइनेंशियल लक्ष्यों का मूल्यांकन करें और उन पर काम शुरू कर दें
– संपूर्ण फाइनेंशियल प्लानिंग में भाग लें और परिवार को प्रोत्साहित करें, विभिन्न फाइनेंशियल उद्देश्यों के लिए अनुशासित मासिक निवेश का पालन करें

तलाकशुदा या विधवा महिला

– सुनिश्चित करें कि आपके परिवार के लिए पर्याप्त इमरजेंसी फंड हमेशा मौजूद रहे
– फाइनेंशियल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने और अपने आश्रितों के लिए उचित जीवन और स्वास्थ्य बीमा लें
– नियमित खर्चों और अलग-अलग खर्चों का ध्यान रखने के लिए एक उचित निवेश योजना बनाएं
– एक स्वतंत्र रिटायरमेंट का जीवन सुनिश्चित करने के लिए रिटायरमेंट योजना पर काम करें

कामकाजी मां

– हमेशा पर्याप्त जीवन और स्वास्थ्य बीमा रखें
– बैंक खाते या सेविंग अकाउंट में जरूरत से अधिक धन रखने से बचें. इसके बजाय अपने पैसे को सही तरीके से निवेश करके बेहतर रिटर्न प्राप्त करें
– अगर आप पर घर या वाहन लोन जैसी कोई देनदारी है, तो कर्ज चुकाने की योजना पर काम करें
– अपने रिटायरमेंट और बच्चे की शिक्षा के लिए एक निवेश योजना का मूल्यांकन और निर्माण करें

(लेखक MyWealthGrowth के को -फाउंडर हैं)

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