इक्विटी म्यूच्युअल फंड्स से पैसा कब निकालें, विद्ड्रॉल का राइट टाइम क्या है?

10 साल के लिए 12 फीसदी रिटर्न का सोचा था मगर आपको 15 फीसदी रिटर्न मिल गया और आपका गोल हासिल हो गया.

इक्विटी म्यूच्युअल फंड्स से पैसा कब निकालें, विद्ड्रॉल का राइट टाइम क्या है?
इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मुख्य रूप से पावर, कंस्ट्रक्शन, कैपिटल गुड्स और मेटल सेगमेंट की कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं.

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (Mutual Fund) लॉन्ग टर्म के लिए अच्छे हैं, इनमें पैसे लगाने चाहिए- इस तरह की बातें तो हर कोई करता है. लेकिन, इस फंड से कब निकलना चाहिए, निकलने की राइट स्ट्रैटेजी क्या होनी चाहिए ये कोई नहीं बताता. तो आज हम आपकी इसी मुश्किल को आसान करने की कोशिश कर रहे हैं.

एक तय गोल के साथ निवेश करें

जब भी इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करना हो तो स्पेसिफिक टार्गेट के साथ निवेश करें और जब भी वो टार्गेट पूरा हो जाय विद्ड्रॉ कर लें. मान लीजिए कि आपको अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे की जरूरत है और आपने एसआइपी या एकमुश्त अमाउंट से इक्विटी फंड में निवेश करना चालू किया. बेटी की उम्र है 15 साल. आपको 10 साल में 25 लाख इकठ्ठे करने हैं तो सबसे पहले आपके दिमाग में टारगेट होना चाहिए कि आपको कितना अमाउंट इकठ्ठा करना है. अगर ये लक्ष्य सातवें या आठवें साल में अचीव हो जाता है. यानी कि आपने 10 साल के लिए 12 फीसदी रिटर्न का सोचा था मगर आपको 15 फीसदी रिटर्न मिल गया और आपका गोल हासिल हो गया. तो इस रकम को विद्ड्रॉ करके लिक्विड फंड में सेव करना चाहिए.

गोल हासिल न हुआ तो क्या करें

जैसे की हमने ऊपर बताया, अगर आपका 10 साल में 25 लाख इकठ्ठा करने का गोल हासिल न हुआ, यानी की 25वें साल तक 25 लाख रुपये इकठ्ठा नहीं कर पाए तो क्या होगा?

अगर आपका 10 साल का टार्गेट है तो आपको 8वें और 9वें साल से थोड़ा-थोड़ा पैसा सेव करना है क्योंकि ऐसा न हो की जिस दिन तक पैसे की जरूरत हो उस दिन तक राह देखी और उसी टाइम पे मार्केट में कोई बड़ा करेक्शन आ गया और आपके पैसे की ग्रोथ घट गई तो आखिरी मिनट तक राह देखने की बजाए थोड़ा-थोड़ा पैसा निकालते रहना चाहिए.

हर कोई मार्केट के पीछे भागे तब हो जाओ सावधान

मार्केट में जब तेजी का माहौल होता है तब लोग उसके पीछे भागते हैं. हर कोइ व्यक्ति जो मार्केट के बारे में ज्यादा जानता भी नहीं वो भी रातों-रात शेयर बाजार से पैसा कमा लेना चाहता है. दरअसल, 10 साल में इस तरह का माहौल दो या तीन बार अवश्य आता है. ऐसे वक्त में आपको सावधान हो जाना चाहिए. मार्केट का माहौल देख के आपको एग्जिट करना चाहिए.

एंकरएज ट्रेनिंग के फाउंडर एंड सीईओ जिगर पारेख कहते है, “फंड से निकलने के लिए आप पीइ, पीबी और मार्केट केप टु जीडीपी के रेशियो को भी देख सकते है. ये रेशियो अपनी एवरेज के मुकाबले बहोत हाइ है यानी ओल टाइम हाइ की तरफ चल रहा है तो उस टाइम में भी आप इक्विटी म्यूच्युअल फंड से पैसा निकाल सकते हो. और लिक्विड फंड में स्विच करके प्रोफिट बुक कर सकते हो. याद रहे आपको अपने गोल एचिव के लिए निवेश करना है तो एक्जिट स्ट्रेटेजी के बारे में भी मालूम होना चाहिए.”

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