PPF अकाउंट इनएक्टिव रहने के क्या हैं नुकसान? दोबारा शुरू करने का ये है तरीका

PPF Account: अगर किसी का PPF अकाउंट इनएक्टिव है तो वह इसे मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने से पहले बंद नहीं करा सकता है.

  • Paurav Joshi
  • Publish Date - September 14, 2021 / 12:27 PM IST
PPF अकाउंट इनएक्टिव रहने के क्या हैं नुकसान? दोबारा शुरू करने का ये है तरीका
PPF खाते से तीसरे वित्त वर्ष के बाद छठे वित्त वर्ष के समाप्त होने तक जमा रकम पर लोन लिया जा सकता है.

Inactive PPF Account: टैक्सपेयर्स के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) मौजूदा समय में निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प है. ऐसा इसलिए कि PPF पर अभी भी 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है. हालांकि, एक ओर जहां PPF खाते पर अधिक ब्याज और कर छूट का फायदा मिलता है, वहीं दूसरी ओर खाता परिपक्वता अवधि से पहले निष्क्रिय होने पर खाताधारक को तीन नुकसान भी होते है. आइए जानते हैं कि PPF खाता निष्क्रिय होने पर क्या नुकसान होता है.

अकाउंट इनएक्टिव रहने के क्या हैं नुकसान?

1. वैसे तो PPF अकाउंट को 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से पहले बंद नहीं कराया जा सकता लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है. 2016 में PPF नियमों में हुए संशोधनों के बाद PPF अकाउंट को गंभीर बीमारी का इलाज, बच्‍चों की उच्‍च शिक्षा आदि जैसी जरूरतों पर समय से पहले बंद कराया जा सकता है. वहीं बैंकों में खुले PPF अकाउंट को 5 साल पूरे होने के बाद बंद करा सकते हैं. लेकिन अगर किसी का PPF अकाउंट इनएक्टिव है तो वह इसे मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने से पहले बंद नहीं करा सकता है.

2. पीपीएफ खाते से तीसरे वित्त वर्ष के बाद छठे वित्त वर्ष के समाप्त होने तक जमा रकम पर लोन लिया जा सकता है. रुके हुए पीपीएफ खाते में यह सुविधा नहीं मिलती है.

3. अगर खाताधारक बंद पड़े पीपीएफ खाते (PPF account) के अलावा कोई अन्य PPF खाता खुलवाना चाहता है तो नियम इसकी अनुमति नहीं देता है. किसी एक व्यक्ति के दो PPF खाते नहीं हो सकते हैं. हालांकि, निष्क्रिय हो चुके खाते में भी जमा राशि पर परिपक्वताकी अवधि पर ब्याज की राशि का भुगतान किया जाता है.

क्‍या है पीपीएफ खाता दोबारा शुरू करने का तरीका

पीपीएफ खाता (PPF account) दोबारा चालू करने के लिए आपको उस बैंक या पोस्‍ट ऑफिस जाना होगा, जहां पर आपने अपना पीपीएफ अकाउंट खुलवाया है. यहां आपको खाता दोबारा चालू कराने संबंधी एक फॉर्म भरना होगा. बता दें कि सिर्फ फॉर्म भरने से ही बात नहीं बनेगी बल्कि आपको जुर्माना और एरियर की राशि भी चुकानी होगी. एरियर की राशि उनवर्षों के लिए होती है, जिन वर्षों तक आपने अपनी पीपीएफ की राशि जमा नहीं करवाई है. इसके अलावा आपको पेनाल्‍टी का भुगतान भी करना होगा. यह पैनाल्‍टी 50 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से देना होगा.

ऐसे लगाएं पैनाल्‍टी और एरियर का हिसाब

पीपीएफ (PPF account) के मामले में पैनाल्‍टी और एरियर का हिसाब सीधा सरल है. माल लें कि आपका पीपीएफ खाता 4 साल से बंद है. तो आपको चार साल के हिसाब से 2000 रुपये एरियर अदा करने होंगे. इसके साथ ही आपको 200 रुपये की पैनाल्‍टी जमा करनीहोगी. ऐसा करने पर आपका पीपीएफ खाता दोबारा एक्टिवेट हो जाएगा.

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