इस महीने बंद हो रहे ये 3 NFO, क्या आप इनमें निवेश करेंगे?

एक्सिस वैल्यू फंड, HSBC मिड-कैप फंड और कोटक मल्टी-कैप फंड के NFO सितंबर में बंद हो रहे हैं. इनमें निवेश से पहले आपको कुछ बुनियादी बातें पता होनी चाहिए

  • Vijay Parmar
  • Updated On - September 14, 2021 / 01:02 PM IST
इस महीने बंद हो रहे ये 3 NFO, क्या आप इनमें निवेश करेंगे?
Pixabay - NFO में निवेश करने से पहले उसमें कुल कितनी लोडिंग है वह पता करना चाहिए.

New Fund Offer (NFO): हर रोज किसी ना किसी कंपनी के IPO की खबर आ रही हैं, ठीक वैसे ही इस साल लगातार न्यू फंड ऑफर्स (NFO) आ रहे हैं. अब तक 2021 में 50 से ज्यादा NFO आ चुके हैं और इनमें करीब 50,000 करोड़ का निवेश हुआ है. एक्सिस वैल्यू फंड, HSBC मिड-कैप फंड और कोटक मल्टी-कैप फंड के NFO सितंबर में बंद हो रहे हैं. NFO खरीदना एक सामान्य म्यूचुअल फंड खरीदने जैसा है. यदि आप इन NFO में निवेश करने बारे में सोच रहे हैं तो आपको कुछ बुनियादी बातें जाननी चाहिए.

NFO कैसे काम करते हैं यह समझें

NFOs या तो ओपन एंडेड फंड या क्लोज्ड एंडेड फंड के लिए हो सकते हैं. यदि ओपन एंडेड फंड है तो फंड या तो एक प्रारंभिक NFO से या किसी अन्य फंड की योजनाओं को प्राप्त करके बनाया जाता है. क्लोज्ड एंडेड योजनाओं के मामले में, NFO को 15-20 दिनों की अवधि के लिए खुला रखा जाता है और पूरे कोष को शेयरों में निवेश कर दिया जाता है. हालांकि, ऐसे क्लोज्ड एंडेड NFO स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होते हैं और आम तौर पर NAV के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड करते हैं, जिस कारण खरीदारों और विक्रेताओं को क्लोज्ड एंडेड फंड से बाहर निकलने का रास्ता मिलता है.

NFO और IPO का अंतर जानें

आपको NFO और IPOs के बीच का अंतर समझना चाहिए. अक्सर, निवेशक इक्विटी IPOs के साथ NFO को लेकर उलझन का सामना करते हैं. IPOs का इस्तेमाल कंपनियां नए फंड जुटाने के लिए करती हैं, इसलिए आप प्रदर्शन, लाभप्रदता और प्रबंधन बैंडविड्थ के मामले में ट्रैक रिकॉर्ड और दृश्यता पर ध्यान केंद्रित करते हैं. NFO का मूल्यांकन थोड़ा अलग होता है. एक NFO आम तौर पर नकारात्मक रिटर्न के साथ शुरू होता है क्योंकि मार्केटिंग और वितरण लागत फंड में पहले से लोड हो जाएगी. NFO की NAV केवल बाजार की वास्तविकताओं को दर्शाएगी और इसलिए इस बात पर अधिक ध्यान दें कि आपको NAV में क्या मूल्यांकन मिलता है.

केवल वंशावली ना देखें

NFO का कोई ट्रैक रिकॉर्ड नहीं होता है. आपको पता नहीं है कि बिना ट्रैक रिकॉर्ड वाला फंड कैसा प्रदर्शन करेगा. वहीं, अगर मौजूदा फंड की बात करें तो उसके परफार्मेंस का रिकॉर्ड देख पाएंगे. इसलिए सिर्फ वंशावली के कारण NFO को खरीदना एक अच्छा विचार नहीं हो सकता है.

कुल लोडिंग कितनी है ये देखें

NFO में कुल लोडिंग कितना है ये देखें क्योंकि NFO सभी लागतों को आपके NAV से डेबिट कर देगा. यदि आपका 10 रुपये का NFO विपणन, वितरण और वैधानिक लागतों के समायोजन के बाद 9.70 रुपये पर नया NAV जारी करना शुरू करता है, तो आपको NFO पर सकारात्मक रिटर्न अर्जित करने से पहले शॉर्टफॉल को ठीक करना होगा. उस दृष्टिकोण से, आप मौजूदा फंड को खरीदना बेहतर समझते हैं. इसलिए यदि आप अपने NAV को अंकित मूल्य से कम पाते हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि सभी NFO के साथ ऐसा ही होता है.

NAV से जुडा भ्रम दूर करें

कम कीमत में मिल रहा NFO खरीदने में कुछ भी आकर्षक नहीं है. यह सिर्फ निवेशकों के बीच मूल्य भ्रम पैदा करता है. यह वही तर्क है जो कई निवेशक पेनी स्टॉक खरीदने के लिए इस्तेमाल करते हैं. वास्तव में, NAV केवल पोर्टफोलियो के यूनिट मूल्य को दर्शाता है.

अपना पोर्टफोलियो चेक करें

NFO में निवेश करने से पहले चेक करे कि आपके पोर्टफोलियो में नये फंड के लिए जगह है? यदि आपके पास उस तरह की स्कीम नहीं हैं और उसे शामिल करने से फायदा हो सकता हैं तो उसे शामिल करें. SAMCO Securities के Mutual Fund हेड ओमकेशवर सिंह के मुताबिक, क्या NFO कोई ऐसी थीम दे रही है जो पहले से बाजार में मौजूद नहीं है? ऐसी नई थीम जो अब तक बाजार में नहीं है वैसे नए फंड में निवेश कर सकते हैं. जब तक फंड ङाउस कुछ अलग न ले कर आएं तब तक निवेशक नए फंड में निवेश करने की जल्दबाजी न करें.

 

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